राजीव गांधी के हत्यारों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने के सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद आतंकी अफजल गुरु को फांसी देने का मामला गरमा गया है।
पीडीपी के बाद अफजल को फांसी पर लटकाने के फैसले को केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने भी अनुचित करार दिया है।
अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने अफजल को फांसी पर चढ़ाने से पहले उनकी पार्टी से कोई बात नहीं की थी। संसद के बाहर उन्होंने कहा कि इस बारे में केंद्र ने कभी प्रदेश सरकार से बात नहीं की और न ही इस बारे में उन्हें बताया गया। यह फैसला पूरी तरह से अनुचित था।
राजीव गांधी के हत्यारों की फांसी की सजा को उम्रकैद के बदलने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकारी देरी या कोई अन्य वजह हो आखिर आप उन्हें फांसी क्यों देना चाहते हैं। मौत की सजा किसी को नहीं होनी चाहिए। उम्रकैद सबसे सही सजा है।