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ब्रिटिश संसद के सामने गांधी की प्रतिमा, नतमस्तक हुए सांसद

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लंदन स्थित संसद चौक पर शनिवार को ब्रिटिश साम्राज्य के हीरो रहे विंस्टन चर्चिल की प्रतिमा के बगल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को स्थापित करना कई मायने में ऐतिहासिक है। दोनों विभूतियां वैचारिक रूप से एक दूसरे की विरोधी थीं।
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चर्चिल ब्रिटिश साम्राज्य के रक्षक थे तो गांधी ने साम्राज्यवाद को तोड़ने का काम किया। चर्चिल वही शख्स थे जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को कुचलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। चर्चिल ने कभी गांधी को अर्धनग्न फकीर कहकर उनके विचारों को खारिज कर दिया था।

ब्रिटिश संसद के सामने स्थित इस चौक पर जब गांधीजी की नौ फुट ऊंची कांसे की प्रतिमा का अनावरण किया गया, तो ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड केमरन समेत वित्त मंत्री अरुण जेटली और अभिनेता अमिताभ बच्चन भी मौजूद थे।
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चर्चिल ने गांधी को अर्धनग्न फकीर कहकर उड़ाया था मजाक

प्रतिष्ठित संसद चौक एक ऐसा स्थान है जहां ब्रिटिश साम्राज्य की रक्षा करने वाली विभूतियों के स्मारक बने हैं। ऐसे में ब्रिटिश साम्राज्य को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गांधी की प्रतिमा का यहां होना ऐतिहासिक है।

गांधी पहले भारतीय और कभी भी किसी पद पर न रहे ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिनकी प्रतिमा यहां लगाई गई है। यह प्रतिमा पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर में स्थित ब्रिटिश संसद के सदनों के ठीक सामने लगाई गई है।

प्रतिमा में गांधीजी एक शॉल में लिपटे हैं जिसे देखकर 1931 में उनके लंदन दौरे की याद आती है जब उन्होंने ठंड से बचने के लिए शॉल ओढ़ा था। अनावरण के अवसर कैमरून और जेटली समेत कई हस्तियों ने गांधीजी को श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर कैमरन ने कहा कि यह प्रतिमा विश्व राजनीति की सबसे महान हस्तियों में से एक को दी जाने वाली भव्य श्रद्धांजलि है और इस प्रसिद्ध चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाकर हम उन्हें अपने देश में एक शाश्वत जगह दे रहे हैं।
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