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चंदा विवादः आप के समर्थन में उतरे दिग्विजय

Tue, 03 Feb 2015 01:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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चंदा विवाद मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आम आदमी पार्टी के समर्थन मे उतर आए हैं। फर्जी कंपनियों से पर लाखों रुपये का चंदा लेने के मामले में भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी पर चंदा के रूप में कालाधन लेने का आरोप लगाया था जिसे दिग्विजय सिंह ने गलत बताया है।
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दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि भाजपा के इन आरोपों पर उन्हें आश्चर्य नहीं है क्योंकि भाजपा का डर्टी पॉलिटिक्स विभाग इस तरह के काम करता रहता है। उन्होंने केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से पूछा है कि क्या वे इस पर कार्रवाई करेंगे?

इतना ही नहीं उन्होंने केजरीवाल की तारी करते हुए कहा है कि वे केजरीवाल बड़े समर्थक तो नहीं हैं लेकिन केजरीवाल चंदा विवाद के लिए जांच कराने की बात को सही मानते हैं।
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I won't be surprised if this has been done by BJP Dirty Tricks Department to embarrass AAP. Would Jaitley take action against Donors ?— digvijaya singh (@digvijaya_28) February 3, 2015

क्या है चंदा विवाद?

भाजपा की ओर से 'आप' के चंदा विवाद पर उठाए सवालों से पहले एनजीओ 'आवाम' आम आदमी पर फर्जी कंपनियों से चंदा लेने का आरोप लगाया था। 'आवाम' यानी ‘आप वॉलंटियर्स एक्शन मंच’ नामक एक संगठन ने आरोप लगाया कि 'आप' को काले धन से फंडिंग हो रही है।

‘आवाम’ संगठन का दावा है कि बीते लोकसभा चुनाव में आप ने चार ऐसी कंपनियों से दो करोड़ रुपये का चंदा लिया, जो झुग्गी-झोपड़ी के पते पर पंजीकृत हैं। उसके अनुसार कंपनियों के पास खरीद-बिक्री का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है।

प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए ‘आवाम’ के सदस्य गोपाल गोयल ने कहा कि आप की वेबसाइट पर 5 अप्रैल 2014 की रात बारह बजे 50-50 लाख रुपये चंदे की एंट्री दिखाई गई है।
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कौन है 'आवाम' संगठन?

आम आदमी पार्टी से नाराज कार्यकर्ताओं का समूह है ‘आवाम’। इस संगठन के लोग पहले आम आदमी पार्टी के लिए ही काम करते थे।

आवाम (आप वॉलंटियर्स एक्शन मंच) का दावा है कि उनका संगठन आप से नाराज कार्यकर्ताओं का एक समूह है। अन्ना आंदोलन से लेकर पार्टी गठन तक इन लोगों की भागीदारी रही है, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद आप की नीतियों से असहमति जाहिर करते हुए ये अलग हो गए थे।

फंडिंग पर खुलासा करने वाले गोपाल गोयल व करण सिंह कभी अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रह चुके हैं। करण सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान बनारस में बड़ी भूमिका निभाई थी।
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