कपिल सिब्बल को कांग्रेस उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में भेज सकती है। नवंबर में प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। कांग्रेस के 28 विधायक हैं, लेकिन अकेले उनके समर्थन से सिब्बल चुनाव नहीं जीत सकते हैं, इसलिए बाकी कमी पूरी करने के लिए कांग्रेस समाजवादी पार्टी का सहयोग लेगी।
इसके लिए कांग्रेस और सपा केबीच बातचीत शुरु हो गई है। बताया जाता है कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केसाथ सोनिया गांधी केराजनीतिक सचिव अहमद पटेल की कुछ बातचीत भी हुई है। उधर कांग्रेस या सपा की मदद से रालोद नेता अजित सिंह भी राज्यसभा में आना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस अजित की बजाय किसी अपने नेता को ही लाना चाहती है।
यह जानकारी देने वाले सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सिब्बल को इसलिए राज्यसभा में भेजना चाहती है, जिससे केंद्र सरकार को फंसाने वाले तमाम राजनीतिक और कानूनी मुद्दों में वह सरकार को घेर सकें। गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड मामले में सुब्रहमण्यम स्वामी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका में सिब्बल सोनिया और राहुल के वकील हैं।
इसके अलावा सिब्बल के मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे तीसरे मोर्चे के नेताओं से भी अच्छे रिश्ते हैं और वह पहले भी उन्हें कानूनी सलाह देते रहे हैं। पहली बार सिब्बल राज्यसभा में लालू प्रसाद यादव की मदद से ही पहुंचे थे।
इसके अलावा यूपीए सरकार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री दोनों के बेहद भरोसमंद मंत्री रहे कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में मुलायम परिवार केखिलाफ दायर आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी सरकार का रुख नरम करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।