कोलगेट घोटाले में एक नया मोड़ आया है। बिड़ला ग्रुप के ऑफिस से एक ऐसी नई डायरी मिली है जिससे कई नाम उजागर हो सकते हैं।
कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट को सौंपा है। इस दस्तावेज के सार्वजनिक होने के बाद कई राजनीतिक पार्टियों के नेता कठघरे में आ सकते हैं।
मैं कानून से ऊपर नहीं, सीबीआई जांच को तैयार
यह दस्तावेज एक डायरी है। सीबीआई ने आदित्य बिड़ला ग्रुप के ऑफिस से मिली एक डायरी सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। इस डायरी में पिछले 10 सालों के दौरान राजनेताओं और कई पार्टियों के सांसदों को पेमेंट करने का जिक्र है।
इस डायरी में 1000 से ज्यादा बार पेमेंट करने का जिक्र है। राजनीतिक दलों के इन लोगों को ये पेमेंट्स बिड़ला कंपनी ट्रस्ट की ओर से किए गए थे। हालांकि इस बारे में बातें पहले भी हो चुकी हैं। और कंपनी इन पेमेंट्स को लीगल मानती है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक नेताओं और अलग-अलग पार्टियों के सांसदों को ज्यादातर पेमेंट्स उस वक्त किए गए जब देश में चुनाव का माहौल था।
हालांकि अभी तक इस डायरी के आधार पर इस केस में किसी और व्यक्ति को सहअभियुक्त बनाने की बात सुप्रीम कोर्ट द्वारा नहीं की गई है।