राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने सिफारिश की है कि संसद और राज्य की विधनासभाओं के पूर्व एवं वर्तमान सदस्यों के बच्चों को ओबीसी कोटे के अंतर्गत आरक्षण के लिए पात्र नहीं हैं।
इस संबंध में ओबीसी पैनल ने कहा है कि जो भी व्यक्ति संसद और राज्य विधानसभाओं के लिए चुन लिया जाता है उसका सामाजिक और आर्थिक स्तर बेहतर हो जाता है, ऐसे में उसे क्रिमी लेयर में आना चाहिए।
यह प्रस्ताव उन शिकायतों के बाद दिया गया है जिसमें यह कहा गया है कि जन प्रतिनिधियों के बच्चों को भी गैर-क्रिमी लेयर का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।