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थम गया चुनावी शोर, अब वोटिंग का इंतजार

Thu, 11 Sep 2014 07:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जयपुर
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राजस्थान के चार विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उप चुनाव में स्थानीय मुद्दे गायब हैं। विपक्ष में बैठी कांग्रेस राज्य की वसुंधरा सरकार को उसकी शासन व्यवस्थाओं में खामियां बताकर भाजपा को घेरने का प्रयास कर रही है।
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इधर, भाजपा कांग्रेस को घेरने के लिए देश में उसकी ओर से किए गए 53 वर्षों के शासन का हिसाब मांग रही है। लेकिन आधारभूत या किसी भी स्थान पर विशेष सुविधाओं की न तो मांग की जा रही है और न ही पार्टियां किसी तरह का आश्वासन दे रही हैं।

प्रचार के तहत एक दूसरे पर जड़े जा रहे आरोप-प्रत्यारोप बृहस्पतिवार को प्रचार थमने के साथ समाप्त हो गया और अब प्रत्याशी जनसम्पर्क में जुट गए हैं। उप चुनाव के तहत मतदान शनिवार को है।
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राजस्थान में नसीराबाद (अजमेर), वैर (भरतपुर), कोटा दक्षिण (कोटा) तथा सूरजगढ़ (झुन्झुनू) में उप चुनाव हैं। कांग्रेस की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और अशोक गहलोत ने सम्भाली हुई है, वहीं भाजपा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक भी सीट हाथ से नहीं निकलने देना चाह रहीं।
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एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप

गहलोत और पायलट ने वसुंधरा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग, सम्भागों में जाकर दिखावा करने और कांग्रेस सरकार की जनोपयोगी योजनाओं और कार्यक्रमों को बंद करने की मंशा रखने के आरोप जड़े। वसुंधरा ने आरोप लगाए कि कांग्रेस के शासन में सरकार दिखती ही नहीं थी।

हालांकि प्रचार के दौरान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का प्रभाव नजर नहीं आया। सभी नेता शुक्रवार से एकजुट नजर आए, इससे पहले सभी अलग-थलग थे।

इधर, लोकसभा और विधानसभा में ऐतिहासिक बहुमत लाने वाली भाजपा के दिग्गज एकजुट नजर आए।

सभी क्षेत्रों में भाजपा ने जातिगत आधार पर मंत्री-विधायक तैनात कर दिए थे, जो कार्यकर्ताओं को उत्साहित किए हुए थे। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 200 में से 21 सीटें मिली थी।
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