राजस्थान के चार विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उप चुनाव में स्थानीय मुद्दे गायब हैं। विपक्ष में बैठी कांग्रेस राज्य की वसुंधरा सरकार को उसकी शासन व्यवस्थाओं में खामियां बताकर भाजपा को घेरने का प्रयास कर रही है।
इधर, भाजपा कांग्रेस को घेरने के लिए देश में उसकी ओर से किए गए 53 वर्षों के शासन का हिसाब मांग रही है। लेकिन आधारभूत या किसी भी स्थान पर विशेष सुविधाओं की न तो मांग की जा रही है और न ही पार्टियां किसी तरह का आश्वासन दे रही हैं।
प्रचार के तहत एक दूसरे पर जड़े जा रहे आरोप-प्रत्यारोप बृहस्पतिवार को प्रचार थमने के साथ समाप्त हो गया और अब प्रत्याशी जनसम्पर्क में जुट गए हैं। उप चुनाव के तहत मतदान शनिवार को है।
राजस्थान में नसीराबाद (अजमेर), वैर (भरतपुर), कोटा दक्षिण (कोटा) तथा सूरजगढ़ (झुन्झुनू) में उप चुनाव हैं। कांग्रेस की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और अशोक गहलोत ने सम्भाली हुई है, वहीं भाजपा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक भी सीट हाथ से नहीं निकलने देना चाह रहीं।