भगत सिंह को सरकारी कागजों में शहीद का दर्जा देने को लेकर हमारे देश में अब तक स्थिति साफ नहीं है, लेकिन पाकिस्तान उनकी हर चीज को संजोकर उनको अपना बना रहा है।
पाक ने उनकी जयंती पर फांसी देने वाली जगह (फव्वारा चौक) का नामकरण भगत सिंह पर किया और अब शहीदी दिवस (23 मार्च) से पहले आठ करोड़ रुपये खर्च कर उनके जन्म स्थान और स्कूल को धरोहर के रूप में संजोने जा रहा है।