विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने कहा कि यूपी सरकार के मंत्री आजम खां भी हिंदू हैं, चाहें तो वे डीएनए टेस्ट करा लें। आजम ही क्यों, अधिकतर मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे। डीएनए टेस्ट के अलावा इतिहास पढ़ने से भी इसका पता लग जाए। मुसलमान तो सिर्फ बाबर के वंशज मुगल हैं। उनकी तादद मुठ्ठी भर है।
चंपत राय ने फैजाबाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लेखिका तसलीमा नसरीन अपने पूर्वजों के हिंदू होने की बात कह रही हैं। यही बात आजम खां और दूसरे मुसलमानों को माननी चाहिए। कश्मीर के बट्ट हों या भट्ट सभी कि पूर्वज हिंदू थे। सिसोदिया मुसलमान महाराणा प्रताप के और चौहान पृथ्वीराज चौहान के वंशज हैं। हर समाज को अपने पूर्वजों का इतिहास खोजना चाहिए। पाकिस्तान के लोगों ने इतिहास खोजा तो पाणिनी तक पहुंच गए।
उन्होंने कहा कि अपने पूर्वजों के बारे में जानकारी हासिल करने के दो ही तरीके हैं। डीएनए टेस्ट या इतिहास पढ़ना। आजम खां चाहें डीएनए टेस्ट करा लें या इतिहास खोज लें, उनके पूर्वज हिंदू ही निकलेंगे। विहिप नेता ने कहा कि संसद ने एकमत से स्वीकार किया है कि धर्मांतरण पर प्रतिबंध के लिए कानून बनना चाहिए। कानून न होने से बड़ा नुकसान हो रहा था। वह धर्मांतरण के मुद्दे पर संसद में चर्चा होने के आजादी के बाद की बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
हत्यारे को वजीर-ए-आजम बनवाती है मीडिया: आजम
मौका तो तालीमी जागरूकता का था लेकिन मिजाज के मुताबिक कैबिनेट मंत्री आजम खां विवादित बयानबाजी से बाज नहीं आए। उन्होंने भाजपा और मीडिया को आड़े हाथ लिया। देश में हो रहे, झगड़े, फसाद, दुष्कर्म व अपराध सभी के दोष मीडिया पर ही मढ़ दिए।
उन्होंने कहा कि मीडिया जलते हुए घर दिखाती है लुटती हुई इज्जत दिखाती है। पेड़ पर टंगी हुई बच्चियों की लाशें दिखाती है। मीडिया के दबाव में बेगुनाहों को दोषी बना दिया जाता है। इस तरह तो एक दिन मीडिया देश से बड़ी कीमत अदा करवाएगी। मीडिया ने एक हत्यारे को वजीर-ए-आजम बनवा दिया। हमसे मुलायम सिंह के जन्मदिन के खर्च का हिसाब मांगती है। अडानी की दौलत सात सौ गुना हो गई लेकिन जवाब नहीं मांगते।
मंच से भाजपा नेता उमा भारती, साक्षी महाराज, महंत आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा और विवादित ढांचा गिराए जाने के जख्म को कुरेदा। प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक को भी नहीं बख्शा, उनके मंदिर वाले बयान पर कहा कि वह राज्यपाल कम अयोध्या के पुजारी ज्यादा लग रहे हैं। धर्म परिवर्तन पर तंज करते हुए कहा कि पहले मंदिरों और दिलों के दरवाजे खोलो फिर धर्म परिवर्तन करना।