अमेरिकी शोधकर्ता इंसान के मल से सोना और कई दूसरी कीमती धातुओं को निकालने का तरीका ढूंढ़ रहे हैं। शोधदल ने अमेरिका के मैला निष्पादन संयत्रों में इतना सोना पाया है जितना खनन के दौरान किसी खान में न्यूनतम स्तर पर पाया जाता है।
डेनवर में अमेरिकन केमिकल सोसायटी की 249वीं राष्ट्रीय बैठक में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। कचरे से धातुओं को निकालने के कारण पर्यावरण में जहरीले पदार्थ भी कम मात्रा में घुलेंगे।
मिली कई दुर्लभ धातु
यूएस जिओलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के सह-लेखक डॉक्टर कैथलीन स्मिथ ने बताया, " हमने खनन के दौरान न्यूनतम स्तर पर पाई जाने वाली मात्रा के बराबर सोना कचरे में पाया है।
" सोना और चांदी के अलावा इंसान के मल में पैलाडियम और वैनेडियम जैसी दुर्लभ धातु भी पाई जाती हैं। डॉक्टर स्मिथ ने बताया, "हम इन कीमती धातुओं को बेचने के मकसद से पाना चाहते हैं। इनमें तकनीकी मामलों में काम आनी वाली धातु वैनेडियम और तांबा भी शामिल है।"
ऐसे खोजा सोना
शोधदल का आकलन है कि हर साल अमेरिका में गंदे पानी से 70 लाख टन ठोस कचरा निकलता है। जिसका आधा हिस्सा खेत और जंगल में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और शेष आधे हिस्से को जला दिया जाता है या ज़मीन भरने में इस्तेमाल किया जाता है।
औद्योगिक खनन प्रक्रियाओं में धातु निकालने के लिए जिस रासायनिक विधि का इस्तेमाल किया जाता है, वैज्ञानिक उसी तरीके की सहायता से कचरे से धातु निकलने का प्रयोग कर रहे हैं। पिछले अध्ययन में वैज्ञानिकों के एक दूसरे दल ने आकलन लगाया था कि दस लाख अमेरिकी जितना कचरा पैदा करते हैं उसमें से एक करोड़ तीस लाख डॉलर की धातु निकल सकती है।