कोपभवन से बाहर आने और पार्टी की बैठकों में सक्रिय हुए भाजपा के ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शरण में पहुंचे हैं। उन्होंने शुक्रवार को नागपुर में संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कई संघ नेताओं से मुलाकात की।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी शनिवार को संघ मुख्यालय पहुंच रहे हैं।
भाजपा की पिछले दिनों आंतरिक कलह सामने आने के बाद अब पार्टी नेताओं की संघ प्रमुख से मुलाकात का सिलसिला तेज हो गया है।
संघ चाहता है कि भाजपा आंतरिक गुटबाजी को छोड़ लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए एकजुट हो। इसलिए पार्टी के बड़े नेता नागपुर पहुंच रहे हैं।
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डा. मुरली मनोहर जोशी ने बृहस्पतिवार को भागवत और भैयाजी जोशी से मुलाकात की थी।
राजनाथ सिंह भी संघ नेताओं से शनिवार को मुलाकात करेंगे। वे आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा करेंगे।
इधर, लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में नरेंद्र मोदी के साथ हिस्सा लेने के बाद आडवाणी की इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आडवाणी पार्टी के गोवा सम्मेलन में मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपने के विरोध में कोप भवन में चले गए थे। तब भाजपा आडवाणी को मनाने में जुटी थी लेकिन वे संघ प्रमुख भागवत से बातचीत के बाद ही माने थे। तब संघ प्रमुख ने उनसे विस्तार से बातचीत करने का भरोसा दिया था।
माना जा रहा है कि आडवाणी उसी घटना के मद्देनजर नागपुर पहुंचे हैं।
सूत्रों के अनुसार आडवाणी अब भी इस दलील पर कायम हैं कि कांग्रेस को कोई भी ऐसा मौका नहीं देना चाहिए जिससे वह सांप्रदायिकता का कार्ड खेल सके। इससे भाजपा राजनीतिक बिरादरी में कहीं फिर से अछूत न बन जाए।
इसके अलावा भाजपा ने तब सुरेश सोनी समेत संघ नेताओं की भी भागवत से शिकायत की थी। माना जा रहा है कि आडवाणी ने इन सभी मुद्दों पर भागवत और महासचिव भैयाजी जोशी के साथ बात की।