फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खबरें सुपरफास्टः 10 मिनट में दिनभर की 10 खबरें

विज्ञापन
विज्ञापन
ये किस्सा है उन पत्नियों का जो इस लोकसभा चुनाव में अपने पतियों की साख बचाने के लिए चुनावी दंगल में उतर रही हैं।
विज्ञापन


नाम हैं हीना शहाब और वीना देवी। ये दोनों ही प्रत्याशी भले ही अलग-अलग दलों की हैं लेकिन इन दोनों के मकसद एक ही हैं।

राष्ट्रीय जनता दल की हीना बिहार के सीवान से लोकसभा चुनाव की प्रत्याशी हैं। ये वो लोकसभा क्षेत्र है जहां उनके बाहुबलि पति सांसद थे। और सालों तक अपना रौब जमाए हुए थे। और उनकी यह धौंस तब तक कायम थी जब उन्हें एक हत्या के मामले में जेल नहीं हो गई।

सीवान के पूर्व सांसद चुनावों के गर्मागर्मी वाले इस मौसम में सलाखों के पीछे ठंडी हवा खा रहे हैं। उन्हें 1999 में हुए छोटा लाल गुप्ता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा हुई है।
विज्ञापन

हर-हर मोदी पर बवाल

नारे में मोदी बने भगवान!
भाजपा अपने चुनाव प्रचार के लिए नए-नए और लोक लुभावन तरीके ईजाद कर रही है तो विपक्षी दल भी ऐसे तरीकों पर भाजपा को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। भाजपा के मोदीमय और लोक लुभावन नारे 'हर हर मोदी, घर-घर मोदी' को लेकर फिर विवाद छिड़ गया है।

वाराणसी के ही कांग्रेस नेता अजय राय ने भाजपा के इस नारे पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी इस नारे के इस्तेमाल पर लोगों ने सवाल खड़े किए थे। राय ने मीडिया को बताया कि भाजपा का यह नारा काशी की जनता और उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि मोदी का प्रचार भाजपा ऐसे कर रही है जैसे वह भगवान हों, यहां तक की मोदी खुद को लोगों के सामने शिव के रूप में दिखा रहे हैं जो गलत है।

गंजे हैं, लेकिन चुनाव चिन्ह 'कंघी'

कुछ साल पहले जब अमिताभ चौधरी के बाल झड़ना शुरू हुए तो शायद उन्हें इस बात का अंदाजा बिल्कुल नहीं रहा होगा कि भविष्य में उनके साथ क्या खेल होने वाला है।

झारखंड के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी पिछले ही महीने झारखंड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक पार्टी में शामिल हुए। और उनकी इस पार्टी का चुनाव चिन्ह एक कंघी है।

अब इसे इत्तेफाक के अलावा क्या कहेंगे कि एक तरफ अमिताभ चौधरी के बाल दिन पर दिन झड़ते-झड़ते बिल्कुल नहीं बचे और दूसरे तरफ उनकी पार्टी ने उन्हें 2014 के चुनावों के लिए अपना लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

किसके साथ खड़ा है दंगों में झुलसा मुजफ्फरनगर

सांप्रदायिक दंगों को लेकर देश-विदेश में चर्चा में आए मुजफ्फरनगर संसदीय सीट का माहौल वेस्ट यूपी के दूसरे इलाकों से थोड़ा अलग है। इस सीट में एक विधानसभा क्षेत्र मेरठ जिले का और चार मुजफ्फरनगर के आते हैं। पूरा इलाका चुनावी चर्चाओं और अटकलों में डूबा हुआ है।

ऊबड़-खाबड़ सड़कों से गुजरते हुए ‘अमर उजाला’ ने कई इलाकों में माहौल, मुद्दों और जनभावनाओं को जानने की कोशिश की। गन्ना बेल्ट में वोटर कहीं एकदम मुखर हैं तो कहीं एकदम शांत।

हालांकि इस समय अमन का माहौल है लेकिन लोग आशंकित हैं कि सियासतदां वोटों के ध्रुवीकरण में किसी भी हद तक जा सकते हैं।

चुटकुलों ने किया आडवाणी का जीना हराम

गांधीनगर और भोपाल सीट को लेकर लालकृष्‍ण आडवाणी की नाराजगी और उसके बाद मानने के बीच भाजपा की टेंशन किस स्तर पर पहुंच गई थी, यह उससे और आरएसएस से ज्यादा कोई नहीं जानता होगा।

लेकिन सोशल मीडिया गंभीर मुद्दों पर भी तंज कसना जानता है। इन दिनों लालकृष्‍ण आडवाणी को लेकर कुछ ऐसा ही हो रहा है। इन चुटकुलों का मकसद किसी का दिल दुखाना नहीं, लेकिन सियासत में हंसी-मजाक का तड़का वाकई जोरदार है।

शहीदों को दिए प्लास्टिक के मैडल

बिंजाम गांव में उदासी छाई हुई है। यहां एक बार फिर मातम का माहौल है। किसी ने यहां के रहने वालों के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है।

इससे पहले वर्ष 2011 की नौ जून को यहां मातम तब पसरा था जब इसी गांव के तीन नौजवान दंतेवाडा के कटेकल्याण के इलाके में हुए एक बारूदी सुरंग विस्फोट में मारे गए थे।

घटना में कुल दस जवान मारे गए थे जिनमें से तीन विशेष पुलिस अधिकारी- योगेश मडियामी, बख्शु ओयामी और चमनलाल बिंजाम के ही थे जबकि बाकी के छत्तीसगढ़ के दूसरे इलाकों से थे।

अगले साल, यानि 2006 में 26 जनवरी के दिन दंतेवाडा के कारली स्थित पुलिस लाइन में एक समारोह आयोजित कर मारे गए विशेष पुलिस अधिकारियों को सम्मान दिया गया। बस्तर की तत्कालीन प्रभारी मंत्री ने मारे गए जवानों के परिजनों को मैडल भी दिए।

मगर जवानों के परिवारों को झटका तब लगा जब सम्मान में दिए गए मैडलों का रंग उतरने लगा। पता चला कि यह सभी मैडल प्लास्टिक के हैं।

एक और पत्रकार ने ज्वाइन की राजनीति की क्लास

वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर बीजेपी से जुड़ गए हैं। बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में उनके बीजेपी में शामिल होने का एलान किया।

सूत्रों के मुताबिक उनको बीजेपी का प्रवक्ता बनाया जाएगा। हालांकि वे कहीं से चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।

हेमामालिनी भी हार जाएंगी लोकसभा चुनाव?

65 वर्ष के संसदीय इतिहास में मथुरा से कोई महिला सांसद नहीं चुनी गई। चौधरी चरण सिंह की पत्नी गायत्री देवी और पुत्री डाक्टर ज्ञानवती भी यहां चुनाव लड़ने आई लेकिन जीत नहीं पाई।

अब भाजपा ने मथुरा सीट पर सिने स्टार हेमा मालिनी पर दांव खेल दिया हैं। ‘ड्रीम गर्ल’ के मैदान में आने से चुनाव दिलचस्प हो गया है।

हेमा मालिनी के लिए भी मथुरा वासियों का दिल जीतकर इतिहास बदलने की चुनौती सामने हैं। बड़ा सवाल यही है कि इस बार यह मिथक टूटेगा।

नौकरी 12वीं पास करें आवेदन

राजस्‍थान के विभिन्न जिलों के जिला न्यायालयों में अलग अलग संख्या में जूनियर क्लर्क और स्टेनोग्राफर पद भरे जाने हैं। ये पद चुरु, जैसलमेर, जोधपुर, बिकानेर, सवाई माधोपुर, धोलपुर, भरतपुर, करौली, चिटगांव, दौसा, अलवर, उदयपुर, टोंक, राजसमंद, कोटा और सिरोही जिलों में रिक्त हैं।
विज्ञापन

'तब सांसद बलात्कार कर रहे थे'

एक 20 वर्षीय व्यक्ति ने ब्रिटेन के पूर्व डिप्टी स्पीकर 56 वर्षीय नीगेल इवांस पर बलात्कार का आरोप लगाया है। अदालत में सुनवाई के दौरान उसने बताया कि सांसद से मिलने उनके घर पर जाने से पहले उसके साथियों ने उसे इस तरह की चेतावनी देते हुए जाने से मना किया था।

उसने आरोप लगाया कि सांसद के बेडरूम में सोते वक़्त जब उसकी आंख खुली तो उसने सांसद इवांस को अपने ऊपर पाया और उस वक़्त उसका बालात्कार हुआ जिसने उसके 'सदमे में' डाल दिया।

इस व्यक्ति ने प्रेस्टन क्राउन अदालत में कहा, वह हमले के वक़्त 'जम गया' और 'हिल नहीं सका' था। यह घटना शिकायतकर्ता के पिछले साल रीबल वैली में सांसद इवांस के घर पर हुए रात्रि भोजन के बाद हुई कही जाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें