दीवार फिल्म का यह सीन आज भी चर्चाओं में है। लोग कई बार आपस में मजाक करते हुए इस सीन का जिक्र करते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर चुटकुला भी चल रहा है। अमिताभ कहते हैँ कि मैं पड़े हुए पैसे आज भी नहीं उठाता, प्याज हो तो अलग बात है। क्या आप इस सीन को बदलना चाहेंगे?
मेरे पास मां है
यह दीवार का ही नहीं हिंदी सिनेमा का भी सबसे चर्चित सीन और डायलॉग है। अमिताभ बच्चन के लंबे और दंभ से भरे कई संवादों के बाद शशि कपूर द्वारा भावुक होकर धीमे से बोला गया संवाद मेरे पास मां है हिंदी सिनेमा में अमर हो गया। कई हिंदी फिल्मों में मेरे पास मां है को लेकर मिमिक्री भी हुई। यदि यह फिल्म आज बने तो क्या आप इस संवाद को रखना चाहेंगे या इसमें कोई बदलाव करेंगे।
मैं तुम्हारा यहां इंतजार कर रहा हूं
हिंदी फिल्मों के कई एक्शन दृश्यों में दीवार का यह एक्शन दृश्य याद किया जाता है। शहर के कुछ गुंडों को अमिताभ बच्चन की तलाश होती है। बोझा उठाने वाले बने अमिताभ उन गुंडों का इंतजार उन्हीं के अड्डे पर कर रहे होते हैँ। जब यह गुंडे यहां पहुंचते हैं तो अमिताभ बड़ी अदा के साथ बोलते हैं कि तुम मुझे यहां वहां खोज रहे थे मैं तुम्हारा यहां इंतजार कर रहा था। क्या यह सीन आप हुबहू आज की दीवार में रखना चाहेंगे?
जाओ पहले साइन लेकर आओ
यह हिंदी सिनेमा का जुनूनी दृश्य एक भावुक कहानी भी कहता है। शशि कपूर के यह जानने के बाद की अमिताभ बच्चन का नाम भ्ज्ञी शहर में हो रहे काले धंधों में शामिल है वह अमिताभ से समर्पण करने के लिए कहते हैं। इसके लिए अमिताभ बच्चन को किसी कागज पर साइन करने होते हैं। इस पर अमिताभ का जवाब फिल्म इंडस्ट्री का चर्चित डायलॉग बन जाता है। अमिताभ कहते हैं कि जाओ पहले उस आदमी के साइन लेकर आओ जिसने मेरे हाथ में यह लिख दिया था। अमिताभ के हाथ में लिखा होता है "मेरा बाप चोर है"
भगवान से टकराव
फिल्म के एक दृश्य में अमिताभ बच्चन भगवान के मंदिर में जाते हैं। इसके पहले वह मंदिर की सीढ़िया भी नहीं चढ़ते। उनकी भगवान से पुरानी दुश्मनी है। वह बीमार को बचाने के लिए पहली बार मंदिर जाते हैं और भगवान से कहते हैं कि आज खुश तो बहुत होगे तुम। यह डायलॉग फिल्म रिलीज होने के बाद खूब चला। यदि यह फिल्म अभी बने तो क्या आप यह सीन बदलना चाहेंगे।