उत्तर प्रदेश में मेरठ के सरूरपुर में जसड़ सुल्ताननगर की एक महिला से एक युवक ने ब्लैकमेल करते हुए तीन दिन तक दुष्कर्म किया। वह किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर फरियाद मांगने पहुंची थाने में उसका मजाक उड़ाया गया।
थाने में जो पुलिसकर्मी मौजूद थे वे सभी पीड़िता से अपने-अपने ढंग से सवाल दाग रहे थे। हद तो उस समय हो गई जब एक दरोगा ने उससे यह कह दिया कि जाओ कोई चश्मदीद गवाह लेकर आओ।
दूसरी ओर छुटभैया नेता उस पर समझौते का दबाव डाल रहे थे। इन सबके बीच पुलिस ने बीच का रास्ता निकालते हुए मामला छेड़छाड़ में दर्ज कर लिया।
जसड़ सुलताननगर निवासी पीड़िता महिला (35) गांव में अपनी सास और बच्चों के साथ रहती है। उसका पति कहीं बाहर रहकर मजदूरी करता है। उसने बताया कि गांव का ही एक युवक तीन दिन से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। विरोध करने पर वह जान से मारने की धमकी देता था।
वह किसी तरह मंगलवार को थाने पहुंची और आपबीती सुनाई तो आरोप है कि यहां भी उसके साथ ज्यादती हुई। पुलिसकर्मी चुटकियां लेकर उससे सवाल पूछने लगे। एक दरोगा ने जब यह कहा कि चश्मदीद गवाह लाओ तो उसका बुरा हाल हो गया।
इस बीच गांव के कुछ छुटभैया नेताओं से सांठगांठ कर उस पर फैसले का दबाव बनाया गया। उसे तहरीर वापस लेने के लिए धमकियां दी गई। वह नहीं मानी और डीआईजी से शिकायत करने की धमकी दी तो पुलिसकर्मियों ने छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कर उसे चलता कर दिया।
पीड़िता ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की चेतावनी दी है। उधर, इस बारे में पूछने पर इंस्पेक्टर बीएस सेंगर ने कहा कि मामला छेड़छाड़ का था और उसी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
हेल्प लाईन की भी अवहेलना
मेरठ में डीआईजी लखनऊ नवनीत सिकेरा महिला हेल्प लाईन की जानकारी देकर महिला सशक्तिकरण का पाठ पढ़ाने के एक दिन बाद ही सरूरपुर थाने में महिला की बेइज्जती की गई।
रिपोर्ट दर्ज न होने पर दुष्कर्म पीड़िता महिला ने जब मामले की शिकायत हेल्प लाईन नंबर 1090 पर करने की चेतावनी दी तो उससे दो टूक कह दिया गया कि जो करना हो कर लो।