फिल्म देखने के बाद जुनूनी हुईं तीन महिलाओं ने एक शख्स को बहाने से घर के अंदर बुलाया और फिर उसके साथ हैवानियत की। तीनों महिलाओं ने पीड़ित के शरीर को सिगरेट से जलाया और यही नहीं, उन्होंने लोहे का गरम चिमटा भी उसके प्राइवेट पार्ट्स में डालने की कोशिश की।
तीनों महिलाओं ने उसके अंगों को पिज्जा कटर के काटने की भी कोशिश की। उन्होंने यह सबकुछ फिल्म 'रेजरवॉयर डॉग्स' देखने के बाद किया था। उनकी करतूत का पता चलने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
घटना पोर्टलैंड के स्कारबोरो की है। लॉरेनी एर्लेस (47), नैटली लिली (19) और लीया वाइट (22) ने एक पुरुष सहयोगी ब्रेंडन टेल (27) के साथ मिलकर पीड़ित व्यक्ति से बदला लेने की सोची थी।
प्राइवेट पार्ट में डाला गरम चिमटा, जमकर तड़पाया
डेली मेल के अनुसार, इन महिलाओं का आरोप है कि पीड़ित शख्स एक साथ कई महिलाओं को देख रहा था और उनके साथ मौज मस्ती कर रहा था। ये बात उन्हें बुरी लगी। उन्होंने उसे लालच देकर घर बुलाया और कुर्सी से बांध दिया।
चारों ने उसे जमकर पीटा और जबरन लिक्विड वाश पिला दिया। इसके बाद उन्होंने उसके प्राइवेट पार्ट्स में गरम चिमटा डाल दिया। इनमें से एक आरोपी ने उसे जलती सिगरेट से भी दागा। उन्होंने पिज्जा कटर से उसके गाल काटने की कोशिश की और कई थप्पड़ भी मारे।
यॉर्क क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया गया कि एर्ले ने पीड़ित उसके कान में जोरों से काटा और फिर उसका सिर झुकाकर घुटनों के बीच रखवा दिया और पीछे ले गले में जलती सिगरेट छुआ दी। उसने पीड़ित के गले में एक रुमाल लपेट कर उसे जान से मारने की भी धमकी दी।
पीट-पीट कर थक गए तो भगा दिया
एर्ले ने ही वाइट को निर्देश देते हुए कहा कि वह गरम चिमटे से उसके प्राइवेट पार्ट्स को जलाए। उसने उसे कुर्सी से जमान पर गिरा दिया। तीनों महिलाओं ने अपने पुरुष मित्र टेल को बुलाकर भी पीड़ित को पिटवाया। उन्होंने फिल्म के दृश्य उस पर बार-बार दोहराने की कोशिश की।
टेल ने पीड़ित को जमकर पीटा और अंत में फर्श पर तड़पता छोड़कर सोने चला गया और एर्ले भी सोफे पर सोने लगी। इस दौरान वाइट ने पीड़ित को घर से बाहर निकाल दिया। उसका फोन भी आरोपियों ने छीन लिया था। पीड़ित किसी तरह घर पहुंचा और अपनी कहानी सुनाई।
उसकी सौतेली मां ने पुलिस को फोन करके इसकी शिकायत की, जिसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ के दौरान सभी ने एक दूसरे के सिर आरोप मढ़ने की कोशिश की लेकिन एर्ले और टेल को इस कांड का मुख्य आरोपी माना गया।
चारों आरोपियों ने 10 नवंबर 2013 में इस वारदात को अंजाम दिया था। उन सभी को शारीरिक क्षति पहुंचाने का दोषी पाया गया था। बीते शुक्रवार को वे लोग अदालत में पेश हुए, जहां दोबारा टेल से पूछताछ की गई।
आरोपियों को मिली ये सजा
पुलिस ने अदालत को बताया कि पीड़ित शख्स के साथ वाइट के संबंध थे। लिली एक बच्चे का मां है और इस वारदात के पहले उस पर कोई भी आरप नहीं लगा।
टेल के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल ने पीड़ित को घर में सबक सिखाने के लिए बुलाया था, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की असल मास्टरमाइंड एर्ले है। जबकि एर्ले की वकील ने कहा कि वह मानसिक परेशानी से गुजर रही है और उसे टेल ने भड़काया था।
वाइट के वकील ने कहा कि वह इस पूरे मामले से दूर थी और दूसरों के कहने पर ही उसने कुछ किया है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने एर्ले को जेल की सजा से मुक्त कर दिया क्योंकि वह पांच महीने पहले ही जेल में बिता चुकी है। उसे 2 साल तक कम्युनिटी सर्विस की सजा दी गई है।
टेल को 12 महीने जेल की सजा सुनाई गई जबकि लिली और वाइट को भी दो साल तक कम्युनिटी सर्विस की सजा मिली।