एक ओर जहां देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार आतंकी हमले होने के इनपुट मिल रहे वहीं, दूसरी ओर जेल में बंद आतंकियों की निगरानी में बरती जा रही लापरवाही भी बड़ा खतरा बन सकती है।
गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद करीब 24 संदिग्ध आतंकियों ने जेल से फरार होने की ऐसी साजिश रची थी कि जेल प्रशासन को पूरे एक साल तक भनक भी नहीं लगने पाई।
जेल में बंद संदिग्ध आतंकियों ने भागने के लिए न सिर्फ अपनी बैरकों की चाबियां चुराईं बल्कि जेल के अंदर ही करीब 213 फीट लंबी सुरंग भी बना डाली। आतंकियों की इस हरकत से जेल प्रशासन पूरी तरह बेखबर रहा।
दो साल पहले थी चुराई चाबी
टीओआई के रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन मुजाहिद्दीन के संदिग्ध आतंकियों ने नवंबर 2012 में जेल के सिक्योरिटी इंचार्ज के कमरे से बैरकों की चाबियां चुराई थीं।
हालांकि हाई सिक्योरिटी वाली बैरकों की चाबियां खो जाने के बारे में कभी भी आधिकारिक तौर पर शिकायत नही दर्ज कराई गई और न ही किसी ने इसे गंभीरता से लिया।
चाबियां चोरी होने के बाद जेल प्रशासन दूसरी चाबियां के जरिए उन्हीं तालों को इस्तेमाल करता रहा और इन्हें बदलने की जरूरत नहीं समझी।
एक संदिग्ध आतंकी ने बताया कि जेल के अंदर सुरंग बनाने का काम कुछ ही दिन पहले पूरा हुआ था लेकिन 9 फरवरी 2013 को इसका भंडाफोड़ हो गया और उनकी साजिश नाकाम हो गई।
ये था आतंकियों का प्लान
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, सभी संदिग्धों ने जेल से भागने के बाद आरटीओ सर्किल के पास बने सुरंग के दरवाजे पर पहुंचकर अलग-अलग दिशाओं में जाने का प्लान बनाया था।
इन सभी ने अल इकवाल नाम से एक ईमेल आईडी भी बनाई थी, जिसके जरिए ये आपस में एक दूसरे के संपर्क में रहते।
सूत्रों ने बताया कि इन सभी का प्लान था कि जेल से भागने के बाद ये सभी कनार्टक में एकजुट होंगे और इसके लिए वे उसी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करेंगे, ताकि सभी की लोकेशन और आगे के प्लान का पता चलता रहे।