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फेसबुक फ्रेंड को गिफ्ट देने के लिए कर दिया क्राइम

Wed, 03 Sep 2014 12:30 PM IST
राजेश सैनी/अमर उजाला, हिसार
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वह दिल्ली की एक फेसबुक फ्रेंड को अपना दिल दे चुका था। वह उसके प्रेम और फोन पर होने वाली अकसर बातों में इस कदर फंस चुका था कि उसने लूट की वारदात तक कर डाली।
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हिसार के चौधरीवास पेट्रोल पंप पर लूट की वारदात का मास्टर माइंड मंगाली सुरतिया निवासी आरोपी महाबीर की दोस्ती फेसबुक पर दिल्ली की एक लड़की से हो गई। फेसबुक फ्रेंड का जन्मदिन था। आरोपी महाबीर उसके जन्मदिन पर उसे कोई महंगा गिफ्ट देना चाहता था।

महंगी ज्वैलरी खरीदने के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। उसने अपने दो दोस्तों को विश्वास में लिया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। ये बातें आरोपी महाबीर ने सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार को पुलिस पूछताछ में बताई।
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वारदात को अंजाम देकर महाबीर ने 99 हजार रुपये में से अपना हिस्सा 30 हजार रुपये ले लिए। वारदात के बाद वह सीधा दिल्ली पहुंच गया। फ्रेंड से किए वायदे पर उसने जन्मदिन का गिफ्ट खरीदना था। हालांकि वह गिफ्ट दे नहीं पाया, उससे पहले उसके पीछे पुलिस लगे होने की भनक लग गई। आरोपी वहां से वापस कोई सेफ जगह निकल गया।
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जन्मदिन पर देना चाहता था महंगा गिफ्ट

पुलिस का कहना है कि पेट्रोल पंप लूट मामले में जेल में बंद महाबीर जुलाई महीने में जेल से जमानत पर बाहर आया था। बाहर आते ही उसने फिर लूट की वारदात को अंजाम दे दिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास देसी पिस्टल यानी कट्टा है। ये पिस्टल उन्होंने पांच हजार रुपये में यूपी से खरीदी थी। वारदात में प्रयोग की गई पिस्टल उन्होंने बाद में अपने खेत में छुपा दी।

ठेके पर हुई थी तीनों की मुलाकात
पुलिस के अनुसार महाबीर ने बताया है कि वारदात करने से करीब 15 दिन पहले रूपेश और संदीप उसे एक शराब के ठेके पर मिले थे। रूपेश और संदीप शराब पीने के लिए वहां गए थे। पहले से ही वहां महाबीर मौजूद था। वहीं पर तीनों की जान-पहचान हुई। महाबीर ने उन्हें विश्वास में लिया और लूट की वारदात का प्लान बनाया।

दोस्त के खेत में पी थी शराब
पुलिस पूछताछ में रूपेश ने बताया कि वे लूट की वारदात को पहले ही अंजाम देना चाहते थे। 21 अगस्त को वे रात को वहां गए, लेकिन कारिंदे अधिक होने के कारण वे इसे अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद वे 22 की रात पाबड़ा गए। पाबड़ा रुपेश का एक दोस्त था। उसके खेत में बैठकर तीनों ने शराब पी। किसी काम से इस एरिया में आने की बात कहकर वे वहां गए थे। फिर रात को वापस आए और सुबह करीब साढ़े तीन बजे वारदात को अंजाम दे दिया।
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