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अगर शरीर में दिखें ये लक्षण, तो हो जाएं सावधान, लापरवाही पड़ सकती है भारी

Sat, 29 Sep 2018 05:12 PM IST
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : getty images
अगर सीने में दर्द उठे, घबराहट हो, पसीना आए और उल्टियां भी हो, तो इसे आप नजरअंदाज न करें। एक लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है। क्योंकि ये लक्षण किसी घातक बीमारी की ओर इशारा कर रहे हैं। 
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दिल का दौरा - फोटो : फाइल फोटो
25 साल के अभिषेक के सीने में हल्का दर्द उठा। उन्होंने समझा कि गैस का दर्द होगा। डॉक्टर को दिखाने के बजाय वे दर्द को नजरअंदाज कर गए। बाद में फिर दर्द उठा। मगर इस बार उनसे रहा नहीं गया और डॉक्टर के पास पहुंच गए। कॉर्डियोलॉजिस्ट के पास पहुंचे तो पता चला कि हार्ट अटैक आया था। देरी से पहुंचने से उनके हार्ट को जो नुकसान हुआ था, फिलहाल उसे दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
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हार्ट अटैक - फोटो : डेमो
वह समझ ही नहीं पा रहे थे कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे आ सकता है? भारत में 10 से 15 साल पहले तक दिल की बीमारी को बुजुर्गों से जोड़ कर देखा जाता था। मगर पिछले एक दशक में दिल से जुड़ी बीमारी के आंकड़ों ने सबकी सोच को पलटकर रख दिया।

सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ. जीत राम कश्यप कहते हैं कि पश्चिमी देशों के मुकाबले भारतीयों में हार्ट अटैक 8 से 10 साल पहले आता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि भारतीयों का खान-पान तय नहीं होता है। देर रात तक खाते हैं और फिजिकल एक्सरसाइज नहीं करते। पिछले कुछ साल से युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं।

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heart attack - फोटो : File Photo
 चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 15 से 20 फीसदी हार्ट के मरीजों की उम्र 40 साल से कम है। लोगों को लगता है कि उन्हें तो हार्ट अटैक नहीं आ सकता, जबकि ऐसे कई मामलों में देखा गया है कि लोगों को हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हुए, मगर उन्होंने उसे नजरअंदाज कर दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि युवाओं में जो हार्ट अटैक आ रहे हैं, वे काफी गंभीर होते हैं।

गैस का दर्द समझकर करते हैं नजरअंदाज 
जब भी सीने में दर्द उठे, घबराहट हो, पसीना आए और उल्टियां हो, उसे गैस का दर्द न समझें। तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर ही बता पाएगा कि हार्ट अटैक है या गैस का दर्द। यदि हार्ट अटैक होगा तो इलाज तुरंत चाहिए होगा। देरी होने पर दवाओं का असर भी कम होगा और ज्यादा नुकसान होगा। अक्सर मरीज इस तरह के दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं। वे सोचते हैं कि उन्हें तो हार्ट अटैक नहीं आ सकता। जबकि हार्ट अटैक किसी को भी आ सकता है।
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heart attack - फोटो : डेमो
इनमें से एक कारण बना अभिषेक के हार्ट अटैक की वजह
-ज्यादा खाना और बैलेंस डाइट न लेना
-हाइपरटेंशन और डायबिटीज
-स्मोकिंग, तंबाकू और शराब की लत
-फिजिकल एक्सरसाइज न करना
-कंप्यूटर व इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर देर रात तक काम करना
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : self
साइलेंट हार्ट अटैक का नहीं लग पाता पता
अक्सर माना जाता है कि हार्ट अटैक में सीने में तेज दर्द होता है। मगर हमेशा ऐसा नहीं होता। जब हृदय में खून की आपूर्ति नहीं होती तो दिल का दौरा पड़ता है। आमतौर पर हमारी धमनियों के रास्ते में किसी तरह की रुकावट आने की वजह से खून दिल तक नहीं पहुंच पाता, इसीलिए सीने में तेज दर्द होता है, लेकिन कभी-कभी दिल के दौरे में दर्द नहीं होता। इसे साइलेंट हार्ट अटैक कहा जाता है।

हार्ट अटैक को हल्के में मत लें। यह किसी को भी आ सकता है। इसे हेल्दी बनाने के लिए हफ्ते में पांच दिन एक्सरसाइज जरूर करें। एक्सरसाइज में एक दिन से ज्यादा गैप न रखें। बैलेंस डाइट लें। इसमें फल और सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। सीने में हल्का दर्द होने पर डॉक्टर से जरूर चेकअप कराएं।
डॉ. जीतराम कश्यप, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट जीएमसीएच-32
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