शहीद तिलक राज अपने पीछे पिता लायक राम, माता बिमला देवी, पत्नी सवित्री देवी, दो साल का बेटा वरुण और 22 दिन के बेटे विवान को छोड़ गए। शहीद तिलक राज की मौत के बाद अब घर चलाने का कोई साधन नहीं है।
शहीद तिलक का पार्थिव शरीर नूरपुर से 9:30 बजे आज उनके घर पहुंचा। लोगों ने कश्मीर के नेताओं, अलगाववाद और पाकिस्तान के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोगों ने शहीद तिलक राज अमर रहे के नारे भी लगाए। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही माहौल बेहद भावुक हो गया।
पूरा गांव चीख पुकार से गूंज उठा। शहीद तिलक राज की मां और बहन ने मंत्री किशन कपूर से पाकिस्तान से बदला लेने की मांग उठाई। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही।