मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह अचानक हंगामा होने लगा। हंगमा होते देख मौके पर जीआरपी पुलिस सहित अन्य रेलवे अधिकारी और कोतवाली थाना पुलिस भी पहुंची। इस हंगामे के चलते मुंबई-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन खंडवा जंक्शन पर रुकी रही।
दरअसल यह हंगामा मुंबई से चलकर गोरखपुर को जाने वाली ट्रेन के पेंट्री कार के कर्मचारी कर रहे थे, जिनके साथ कुछ देर पहले भुसावल जंक्शन पर करीब 60 से 70 अवैध वेंडरों ने जमकर मारपीट की थी। यही नहीं, उन्होंने ट्रेन के पेंट्री कार के डब्बे में घुसकर तोड़फोड़ की ओर कर्मचारियों के डॉक्यूमेंट और कैश भी छुड़ाकर साथ ले गए। पेंट्री कार के कर्मचारियों के आरोप थे कि अवैध वेंडरों के साथ जीआरपी और आरपीआफ का स्टाफ भी था, लेकिन उन्होंने मारपीट को नहीं रोका और उन वेंडरों पर कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि मामला भुसावल स्टेशन का होने के चलते खंडवा स्टाफ ने शिकायत दर्ज करने के लिए शिकायतकर्ताओं को वापस भुसावल भेज दिया।
खंडवा के रेलवे स्टेशन पर मुंबई से चलकर गोरखपुर को जाने वाली ट्रेन के पेंट्रीकार कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि पेंट्रीकार के डिब्बे में अवैध वेंडरों ने भुसावल जंक्शन के पास जमकर तोड़फोड़ की है। यही नहीं गोरखपुर ट्रेन में मौजूद पेंट्रीकार के लोगों ने लूटपाट करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि अवैध वेंडरों ने घुसकर पहले उनके साथ मारपीट की, उसके बाद पेंट्री में रखे पूरे सामान को तहस-नहस कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रेन में सामान बेचने को लेकर कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद अवैध वेंडरों ने इस घटना को अंजाम दिया। पेंट्री मैनेजर ने बताया कि भुसावल के पास 60-70 लोग पेंट्रीकार डिब्बे में घुसे और उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के बाद उन्होंने डिब्बे में तोड़फोड़ की। उसके बाद वह हमारे पास मौजूद दस्तावेज और नगदी भी लेकर चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस वक्त की घटना हुई, उस समय जीआरपी और आरपीएफ के लोग भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि मामला भुसावल स्टेशन का होने से शिकायतकर्ता दूसरी ट्रेन से भुसावल के लिए रवाना हो गए।
तीन स्टार अधिकारी के सामने हुई मारपीट
ट्रेन के पैंटी कार के डब्बे में हुई मारपीट की घटना के बारे में बताते हुए एक कर्मचारी ने बताया कि भुसावल में 3 स्टार अधिकारी खड़े थे, उनके सामने यह मारपीट की घटना हुई है। हमने इसकी शिकायत की थी, तब भी वहां पुलिस आई थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया, और यह अवैध वेंडर लोग थे। तो वहीं पेंट्री कार के मैनेजर ने बताया कि जो लोकल हॉकर गाड़ी में चलते हैं, उन्होंने यह मारपीट की। और वो लोग बोले कि आप यहां धंधा नहीं करोगे। इसके बाद भुसावल में करीब 60 - 70 आदमी लोग आए और उनके साथ आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ वाले भी आए, और उन सब लोगों ने हम सबको मारा, और हमारे डॉक्यूमेंट भी छुड़ा के ले गए। सारे वेंडर का और मैनेजर का कैश भी छुड़ा कर ले गए, और उन्होंने टोटल पेंट्री कार के स्टाफ को सबको मारा।