कार्ड के शुभारंभ के बाद सोमवार को एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास का कहना है कि एसबीआई एम्स स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने के बाद अब संस्थान में मरीजों की सुविधा के लिए पूरी तरह से डिजिटल मोड काम होगा। मरीजों को विभिन्न भुगतान के लिए लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं रहेगी। पूरे परिसर में वह कार्ड या ऑनलाइन के अन्य विकल्प के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
वहीं अधिकारियों ने बताया कि 17 नवंबर 2022 को एम्स ने एसबीआई बैंक के सहयोग से ऑनलाइन सुविधा शुरू करने की दिशा में प्रयास किया। पिछले साल 12 दिसंबर को पहले चरण में यह एम्स के कर्मचारियों के लिए लागू किया गया। वहीं दूसरे चरण में सोमवार से मातृ एवं शिशु ब्लॉक में सभी रोगियों के लिए स्मार्ट कार्ड लागू किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह कार्ड एम्स के अन्य जगहों पर भी मिलेगा।
एसबीआई-एम्स स्मार्ट कार्ड सभी मरीजों को मुफ्त प्रदान किया जाएगा। मरीज मदर एंड चाइल्ड ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर से व स्टाफ कैफेटेरिया में बने काउंटरों से इन स्मार्ट कार्ड को प्राप्त कर सकते हैं। कार्ड प्राप्त करने के लिए मरीजों या कर्मचारियों को एम्स का यूएचआईडी नंबर देना होगा। यूएचआईडी देने के बाद मरीज को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी मिलेगा।
कभी भी करें टॉपअप
कार्ड लेने के बाद मरीज काउंटर पर नकद, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या वैश्विक स्तर पर कहीं से भी ऑनलाइन टॉप अप करवा सकते हैं। यह एबीएचए व एबीडीएम सिस्टम और ई-हॉस्पिटल के साथ एकीकृत है, जो बिना किसी सेवा शुल्क के सुरक्षित रूप से सभी भुगतान की सुविधा प्रदान करता है।