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CG: तेजराम विद्रोही बोले- केंद्र सरकार प्रदर्शनकारी किसानों को देश का दुश्मन न समझे, तानाशाही रवैय्या छोड़ें

Mon, 12 Feb 2024 06:25 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद

सार

भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि किसान विरोध के खिलाफ केंद्र सरकार तानाशाही रवैय्या छोड़े। केंद्र सरकार प्रदर्शनकारी किसानों को देश का दुश्मन न समझे।
 
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भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने केंद्र सरकार की तानाशाही के खिलाफ अपना कड़ा असंतोष और गुस्सा व्यक्त किया है। मोदी सरकार पंजाब और दिल्ली की सीमाओं व राजमार्गों पर लोहे की कीलें, कंटीले तार और कंक्रीट बैरिकेड्स लगाकर किसानों के लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन को रोक रही है। प्रशासन ने दिल्ली और हरियाणा के आसपास धारा 144 लागू की है। जनता को बिना किसी पूर्व सलाह के यातायात को डायवर्ट किया गया है। लोगों को डराने के लिए आतंक का माहौल बनाया जा रहा है। मोदी सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है, जैसे कि वे देश के दुश्मन हों।

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मध्य प्रदेश में किसान सभा नेता राम नारायण कुरारिया, संयुक्त किसान मोर्चा के पांच राज्य नेता अंजना कुरारिया, किसान संघर्ष समिति नेता एडवोकेट आराधना भार्गव, बीकेयू (टिकैत) नेता अनिल यादव, एनएपीएम नेता राजकुमार सिन्हा को सीआरपीसी की धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

संयुक्त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया कि उनकी सरकार लोगों की आजीविका की मांगों पर 16 फरवरी 2024 को देशव्यापी ग्रामीण बंद और औद्योगिक हड़ताल के आह्वान के संदर्भ में किसानों और श्रमिकों के मंच से चर्चा के लिए तैयार क्यों नहीं है। लोगों की आजीविका की माँगों पर भारत भर में उभरते संघर्षों के संदर्भ में लोगों के विरोध को दबाने के प्रयास व्यर्थ है।
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एसकेएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को याद दिलाया कि भारत में एक संविधान है, जो सभी नागरिकों के लिए विरोध करने का अधिकार सुनिश्चित करता है। एसकेएम सभी राजनीतिक दलों और सभी वर्गों के वर्ग एवं जन संगठनों से मोदी प्रशासन की इस मनमानी की निंदा करने की अपील करता है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों के दमन का जनता द्वारा प्रतिकार किया जाएगा। सभी वर्गों के समर्थन से किसान और श्रमिक यह सुनिश्चित करेंगे कि 16 फरवरी 2024 की औद्योगिक, क्षेत्रीय हड़ताल और ग्रामीण बंद व्यापक, जीवंत और सफल हो।

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