प्रदेश विश्वविद्यालय के अक्तूबर माह में जारी यूनिवर्सिटी विकास फंड देने को छात्र तैयार नहीं हैं। यूनिवर्सिटी के विकास के लिए कॉलेज छात्रों से पांच सौ और आईआरडीपी तथा बीपीएल परिवार से संबंधित छात्रों से ढाई सौ रुपये सालाना शुल्क इस सत्र से वसूला जाएगा। अगले साल से इस पर भी असमंजस है। कुछ को छोड़कर अधिकतर कॉलेजों ने फंड वसूल करना शुरू नहीं किया है। सेंटर आफ एक्सीलेंस कॉलेज ने इसकी शुरुआत की लेकिन छात्रों ने इसे सिरे से नकार दिया।
अब तक एक भी छात्र ने शुल्क अदा नहीं किया। हालांकि कॉलेज छात्रों ने सत्र के अंत में ली जाने वाली फीस और फाइन दे दिया है। लेकिन इस नये शुल्क को नहीं दिया। कॉलेज की एनएसयूआई इकाई शुल्क लेने के आदेशों को वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंप चुकी है। एसएफआई और एबीवीपी भी यूनिवर्सिटी को इस तरह का कोई शुल्क देने से इनकार कर रही है।
छात्रों ने एक जुटता का प्रमाण देते हुए छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने के इस फरमान का लगातार संगठन विरोध कर रहे हैं। संजौली कॉलेज प्राचार्य डा. जेएस नेगी का कहना है कि विवि के आदेशों के मुताबिक फंड लेने को नोटिस लगा दिया था। लेकिन छात्र इस शुल्क को नहीं दे रहे हैं। वे इसका विरोध कर रहे हैं। रोज इसको लेकर संगठन कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।