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हिंदू राष्ट्र रहे नेपाल में लाखों पशुओं की बलि, वीभत्स नजारा

Sat, 29 Nov 2014 01:16 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
नेपाल में इन दिनों मनाया जाने वाला एक त्यौहार अलग वजह को लेकर सुर्खियों में है। भारत की सीमा से सटे बरियारपुर गांव में गढ़ीमाई के त्यौहार पर लाखों पशुओं की बलि दी जाएगी। दो दिन चलने वाले इस त्यौहार की शुरूआत शुक्रवार से हुई। पहले दिन पांच हजार से अधिक पशुओं की बलि दी गई।


डेलीमेल के मुताबिक हर पांच साल पर मनाए जाने वाले इस दो दिन के त्योहार में लाखों पशुओं की बलि दी जाती है। इस आयोजन को देखते हुए बारियापुर गांव के पास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

दो दिन तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान यह गांव दुनिया का सबसे बड़ा बूचड़खाना बन जाएगा। पेटा के अनुसार पिछले साल भी ढाई लाख पशुओं की बलि दी गई थी। पेटा हर बार इस आयोजन का विरोध करता रहा है।
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पहले दिन दी गई पांच हजार पशुओं की बलि

पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं को दूर रखने के लिए गांव और उसके आसपास काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी योगेन्द्र प्रसाद दलाल के अनुसार लाखों श्रद्धालु त्यौहार को मनाने के लिए वहां पहुंच चुके हैं। गढ़िमाई को शक्ति की देवी माना जाता है। उन्हें मानने वालों का मानना है कि बलि देने से उन्हें गढ़िमाई का आशीर्वाद मिलेगा।

एक अनुमान के मुताबिक पिछली बार 2009 में आयोजित हुए इस त्यौहार में तीन लाख पशुओं की बलि दी गई थी। इस दौरान मंदिर के चारों ओर खून ही खून बिखरा नजर आया था। शुक्रवार को पहले दिन काफी संख्या में श्रद्धालु बरियारपुर पहुंचे। जिसके बाद बलि देने का सिलसिला शुरू हुआ। बलि के बाद ‌हर तरफ पशुओं के शव ही शव दिखाए दे रहे हैं।
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