दूसरे चरण की काउंसलिंग समाप्त होने के बाद अब पॉलीटेक्निक में सीधे दाखिले की शुरुआत हो गई है।
दो चरणों की काउंसलिंग के बावजूद अभी भी पॉलीटेक्निक में एक लाख के करीब सीटें रिक्त हैं। अब इन पर सीधे दाखिले लिए जाएंगे।
यह सुविधा अनुदानित और निजी संस्थानों को ही मिलेगी। वहीं, राजकीय संस्थानों की सीटें खाली रहेंगी। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार दाखिले की प्रक्रिया 15 अगस्त से पहले पूरी करनी है।
15 को सार्वजनिक अवकाश के कारण प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा ने साफ किया था कि दाखिले 14 अगस्त तक पूरे कर लिए जाएं।
प्रदेश भर के निजी और सरकारी पॉलीटेक्निक संस्थान ग्रुप ए से लेकर के ग्रुप तक कुल1,33,638 सीटें हैं।
इनमें से पहली काउंसलिंग के बाद केवल 26,595 सीटें ही भर पाईं थीं। दूसरे चरण की काउंसलिंग में भी करीब 10,000 सीटें भरी थीं।
अब एक लाख के करीब सीटें पूरे प्रदेश में पॉलीटेक्निक में खाली हैं। रिक्त ज्यादातर सीटें निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों की हैं।
जानकारों के अनुसार, सरकारी संस्थानों में इस समय केवल होरिजेंटल रिजर्वेशन (फ्रीडम फाइटर, 20 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं का दाखिला, निशक्त कोटा) वाली सीटें ही खाली हैं। शेष सीटें फुल हो चुकी हैं।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद सचिव योगेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सरकारी संस्थानों के साथ ही निजी संस्थानों की रिक्त सीटों के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग आठ अगस्त को पूरी हो चुकी है।
इसके बाद शासन की नीति के अनुसार सभी पॉलीटेक्निक संस्थान सीधे दाखिले ले सकेंगे। प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने दाखिले के लिए 14 अगस्त तक की अंतिम तिथि तय की है। सभी संस्थानों को इसी तय अवधि में दाखिले लेने हैं।