अध्यापन में अपना कैरियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह अच्छी खबर है। नए सत्र से चुनिंदा बीएड कॉलेजों में बीए या बीएससी के साथ ही अब बीएड भी की जा सकेगी। 12वीं के बाद विद्यार्थी सीधे इन इंटीग्रेटिड कोर्स में एडमिशन लेकर चार वर्ष में दो डिग्रियां हासिल कर सकते हैं।
अभी तीन साल में बीए या बीएससी की डिग्री मिलती है। अगले सत्र से बीएड भी दो साल में होगी। यानी बीए या बीएससी के साथ अब बीएड करने वाले विद्यार्थियों का एक साल बच जाएगा। जनवरी के पहले सप्ताह में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
12वीं के बाद कर सकेंगे बीएड
एनसीटीई ने इस संबंध में सभी राज्यों को दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं। हिमाचल में 73 से अधिक सरकारी और प्राइवेट बीएड कॉलेज हैं। इनमें से दो कॉलेज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में चल रहे हैं। इक्डोल के माध्यम से भी बीएड होती है। हर साल करीब 8000 स्टूडेंट बीएड में प्रवेश लेते हैं। इन्हें सीधा-सीधा फायदा होगा।
चार साल के इंटीग्रेटिड कोर्स में 8 सेमेस्टर होंगे। इसे छह साल तक पूरा करने की छूट होगी। एनसीटीई नियमों के अनुसार एक कॉलेज में दो सेक्शन ही होंगे, जिसमें 100 से ज्यादा छात्र नहीं होंगे। प्रवेश के लिए जमा दो में न्यूनतम 50 फीसदी अंकों की शर्त रखी है। चयन मेरिट के आधार पर ही होगा।
इस तरह बीएड कॉलेजों का चयन
हिमाचल के उन्हीं बीएड कॉलेजों को इंटीग्रेटिड कोर्स के लिए चुना जाएगा जो एनसीटीई के नियमों को पूरा करेंगे। इसके लिए फैकल्टी की संख्या, उनकी योग्यता और इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि देखा जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक शशि भूषण सेखरी का कहना है कि दिल्ली में एनसीटीई की बैठक में निर्णय लिया गया है। इसमें इंटीग्रेडिट कोर्स करने वालों का एक साल बच जाएगी। केंद्र की ओर से लिखित में निर्देश विभाग के पास आने के बाद इस बारे आगामी कदम उठाए जाएंगे।