एलयू में अब यूजी व पीजी लेवल पर पब्लिक पॉलिसी का नया कोर्स शुरू किया जा रहा है।
नए शैक्षिक सत्र से स्टूडेंट्स को इस कोर्स में दाखिला मिलेगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो नए कोर्स शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
जल्द ही डॉ. शंकर दयाल शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी की एडवाइजरी बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें इन दो नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर मुहर लगाई जाएगी।
पब्लिक पॉलिसी की बढ़ती डिमांड देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस नए कोर्स को डिजाइन किया है।
यूजी व पीजी दोनों लेवल पर इस कोर्स की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के प्लेसमेंट भी अच्छे होने की उम्मीद है।
डॉ. शंकर दयाल शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी के डायरेक्टर डॉ. मनोज अग्रवाल का कहना है कि अब गवर्मेंट सेक्टर में पब्लिक पॉलिसी की डिमांड दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
ऐसे में इस कोर्स के माध्यम से इकोनॉमिक पब्लिक पॉलिसी व सोशल पब्लिक पॉलिसी जैसी तमाम महत्वपूर्ण चीजें कोर्स में शामिल करेंगे।
इसका फायदा यह होगा कि यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी के एक्सपर्ट तैयार हो सकेंगे।
डॉ. अग्रवाल कहते हैं कि इस कोर्स का आगे काफी अच्छा स्कोप है और हम अपने इंस्टीट्यूट में इसे अच्छे ढंग से चलाएंगे।
यूजी व पीजी लेवल पर एक साथ पब्लिक पॉलिसी कोर्स लांच करने का मकसद यह है कि स्टूडेंट अगर चाहें तो वे ग्रेजुएट करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएट लेवल पर भी इस कोर्स को पढ़कर विशेषज्ञता हासिल कर सकें।
बीए ऑनर्स पब्लिक पॉलिसी तीन साल का होगा और इसमें सेमेस्टर सिस्टम के तहत पढ़ाई होगी।
वहीं, एमए पब्लिक पॉलिसी में पीजी के अन्य कोर्स की तरह ही सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा। पढ़ाई के साथ-साथ इसमें अच्छा प्लेसमेंट हो इसका भी पूरा ख्याल रखा जाएगा।
इनमें विशेषज्ञों को बुलाकर स्पेशल लेक्चर दिलवाए जाएंगे। इस कोर्स में शोध करने की संभावनाएं भी काफी अधिक हैं।
जल्द ही एडवाइजरी बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक होगी और इसके बाद डॉ. शंकर दयाल शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी में नए सत्र से यह दो नए कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे।
मालूम हो कि अभी इस इंस्टीट्यूट में फिलहाल कोई कोर्स नहीं चल रहे हैं लेकिन अब एलयू प्रशासन यह नए कोर्स लांच कर इसमें जान फूंकने की तैयारी में जुट गया है।