फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब, 73 की उम्र में कुंदनलाल ने टॉप किया LLM

Sun, 08 Jun 2014 03:31 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
जिस उम्र में अधिकतर बुजुर्ग रिटायरमेंट के बाद आरामतलबी को तवज्जो देते हैं, दून के 73 वर्षीय कुंदन लाल करारा ने मिसाल कायम की है।
विज्ञापन


कुंदन ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) की एलएलएम परीक्षा में प्रदेश के 700 युवा छात्रों को पछाड़ टॉप किया है। कुंदन गर्व से कहते हैं कि उन्होंने टॉपर बनने के लिए ही एलएलएम में दाखिला लिया था।

अब नजर एमए इंग्लिश में टॉपर बनने पर है। बल्लूपुर चौक के निकट गारमेंट शॉप चलाने वाले आशीर्वाद इनक्लेव निवासी कुंदनलाल करारा वर्ष 2001 में सर्वे ऑफ इंडिया से क्लास वन ऑफिसर ग्रेड पद से रिटायर हुए।
विज्ञापन

क्लास 3 कर्मचारी से बने क्लास वन ऑफिसर

बताया कि उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया में वर्ष 1961 में बतौर क्लास 3 कर्मचारी नौकरी प्राप्त की। लेकिन इतने पर ही संतुष्ट नहीं हुए।

उन्हें आगे बढ़ना था, लिहाजा 1985 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने के बाद वह सर्वे ऑफ इंडिया में ही क्लास वन ऑफिसर हो गए।

31 अक्तूबर 2001 को रिटायरमेंट के बाद उन्होंने गारमेंट शॉप संभाल ली। बताया कि वह कुछ ऐसा करना चाहते थे कि दुनिया याद रखे।

रिटायरमेंट के बाद कई जगह से नौकरी, यहां तक की राजनीति से जुड़ने के भी ऑफर आए, लेकिन उन्हें पढ़ना था।

उन्होंने यूओयू से एलएलएम में दाखिला लिया और दिन-रात एक कर 1200 में से 913 यानी 76.08 प्रतिशत अंकों के साथ पूरे प्रदेश में टॉप किया।

एसजीआरआर स्थित यूओयू के क्षेत्रीय केंद्र के डॉ. एचवी पंत ने बताया कि हाल ही में विवि ने कुंदनलाल करारा के टॉपर होने की घोषणा की है। अब कुंदन एमए इंगलिश में टॉप करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने हाल ही में यूओयू में एडमिशन लिया है।

एजुकेशनल क्वालिफिकेशन

वर्ष 1958: दसवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की
1960: 12वीं फर्स्ट डिवीजन से पास
1967: दिल्ली विवि से तृतीय श्रेणी में बीए
1978: गढ़वाल विवि से एमए मैथ्स तृतीय श्रेणी
1985: डीएवी पीजी कालेज से एलएलबी द्वितीय श्रेणी
 
लीक से हटकर पढ़ाई
कुंदन लाल ने बताया कि एलएलएम की पढ़ाई में उन्होंने कोर्स की किताबों से इतर दूसरी किताबों से पढ़ाई की।

उन्होंने बताया कि बेहद कठिन इस परीक्षा में उनकी डिजरटेशन छह विवि में चेक होने के बाद उन्होंने 200 में से 185 अंक प्राप्त किए हैं।

अपनी पढ़ाई में उन्होंने संविधान के निर्माण के साथ ही इससे लाभान्वित होने वालों पर फोकस किया। इसके अलावा सोशल ट्रांसफार्मेशन पर भी पढ़ाई की।

कुंदनलाल ने बेहद उत्साहित लहजे में बताया कि जब वह परीक्षा देने जाते थे तो उन्हें एग्जामिनेशन हॉल में देखकर सभी मजाक उड़ाते थे। कई युवा तो पूछते भी थे कि अंकल इस उम्र में यहां क्या करने आए हो।

देश के बड़े बांधों का किया है सर्वे

जानना है कौन सा धर्म बेहतर
कुंदनलाल सभी धर्मों का अध्ययन भी करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वह कुरान, बाइबिल, गीता का अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद यह तय करेंगे कि कौन सा धर्म सबसे बेहतर है।

इस उम्र में भी बिल्कुल फिट
कुंदनलाल ने बताया कि 73 साल की उम्र में भी वह बिल्कुल फिट हैं। चंडीगढ़ तक खुद अपनी मारुति कार चलाकर ले जाते हैं।

दिक्कत है तो सिर्फ एक, कम सुनाई देने की। कुंदन के मुताबिक वह व्यायाम नहीं करते हैं। दाल रोटी, मीट और हरी सब्जियों का सेवन करते हैं। लेकिन फास्ट फूड कतई नहीं खाते।

अपने कार्यकाल में कुंदनलाल माइक्रो सर्वे के एक्सपर्ट के तौर पर जाने जाते थे। उन्होंने मनेरी भाली, लखवाड़, व्यास सतलुज, हीरापुर बांध मध्यप्रदेश, नागार्जुन बांध आंध्र प्रदेश, कोयना बांध महाराष्ट्र सहित नेपाल और भूटान में कई बांधों का माइक्रो सर्वे किया है।
विज्ञापन

अब लड़ेंगे अपना मुकदमा

कुंदनलाल अब अपना मुकदमा सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वेतन संबंधी विसंगतियों पर वह चार बार भारत सरकार को पत्र भेज चुके हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। इसलिए वह अब सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ेंगे।

बाहर रहते हैं बच्चे
कुंदनलाल का बड़ा बेटा अजय कुमार करार चंडीगढ़ में बीएसएनएल में डीजीएम जबकि उनकी पत्नी संगीता अजय कुमार चंडीगढ़ में ही सीएमओ हैं।

छोटा बेटा संजय करारा पहले बैंक मैनेजर थे, लेकिन अब आईएफएस पत्नी निरुपमा करारा के साथ बांग्लादेश में रह रहे हैं और वहां एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं।

बेटी होशियारपुर में सीएमओ थीं, एक हादसे में उनका निधन हो गया। पत्नी परमजीत कौर हाउसवाइफ हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें