डीएवी महाविद्यालय में सांध्यकालीन कक्षाओं की रुकी हुई गाड़ी को आखिरकार उत्तराखंड सरकार ने पूरे जोर के साथ आगे बढ़ा दिया है।
कक्षाओं की प्रक्रिया शुरू होने की आस जगी
बुधवार देर रात प्रबंधन से मिला पत्र लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन व छात्र नेताओं के सामने ही सीएम ने कक्षाओं को जायज ठहराते हुए पत्र उच्च शिक्षा सचिव को प्रेषित कर दिया। इसके साथ ही जल्द ही सांध्यकालीन कक्षाओं की प्रक्रिया शुरू होने की आस भी जग गई है।
मंगलवार की देर शाम प्रबंधन सचिव मानवेंद्र स्वरूप की ओर से सीएम के नाम सांध्यकालीन कक्षाओं पर सैद्धांतिक सहमति का पत्र प्राचार्य को प्राप्त हुआ। इस पत्र को लेकर बुधवार को शाम आठ बजे प्राचार्य और एनएसयूआई, आर्यन व विकास ग्रुप कार्यकर्ता बीजापुर गेस्ट हाउस में सीएम हरीश रावत से मिलने पहुंचे।
करीब तीन घंटे इंतजार के बाद सीएम से मुलाकात हुई। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन ने प्रबंधन की ओर से आया हुआ पत्र मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंप दिया। इस पत्र में प्रबंधन ने यह लिखा था कि सांध्यकालीन कक्षाएं अगर विधिक तौर पर सही हैं तो वह सरकार के निर्देशों को पूर्ण पालन करेंगे।
पत्र पढ़कर सीएम हरीश रावत ने सांध्यकालीन कक्षाओं को बिल्कुल सही ठहराया। उन्होंने पत्र को शिक्षा सचिव को फार्वर्ड करते हुए कहा कि सांध्यकालीन कक्षाओं में कोई विधिक रुकावट नहीं है। यह व्यवस्था केवल विशेष परिस्थितियों में छात्रों के भविष्य को देखते हुए की गई है।
उन्होंने शिक्षा सचिव को निर्देश दिए हैं कि वह इस बाबत प्रबंधन को जल्द अवगत करा दे और साथ ही जल्द से जल्द सांध्यकालीन कक्षाओं की दाखिला प्रक्रिया शुरू करा दें। सीएम के रुख के बाद अब सांध्यकालीन कक्षाओं के जल्द शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
इस मौके पर कॉलेज के मुख्य अभियंता डॉ. कौशल कुमार, चुनाव अधिकारी डॉ. आरके पाठक, एनएसयूआई नेता मोहन भंडारी, कालेज के महासचिव जगबीर असवाल, विकास ग्रुप के विकास नेगी, सूरज कोहली, भगवती प्रसाद, गिरीश रमाकोटी, जितेंद्र कुमार रिंकू मौजूद रहे।
अभी कॉलेज खुलने पर असमंजस
हालांकि सीएम हरीश रावत ने अपनी तरफ से सांध्यकालीन कक्षाओं को हरी झंडी दिखा दी है लेकिन अभी छात्र नेता असमंजस में हैं।
दरअसल, छात्र नेताओं का मानना है कि अभी पत्र शिक्षा सचिव के पास जाएगा, उसके बाद वहां से प्रबंधन के पास जाएगा, फिर प्रबंधन फैसला लेगा। इस पूरे पत्राचार में करीब एक महीना लग जाएगा। ऐसे में छात्रों का साल बर्बाद होने का खतरा है।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार सीधे आदेश करके तुरंत सांध्यकालीन कक्षाओं की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराए। इस वजह से गुरुवार को कॉलेज खुलने पर असमंजस की स्थिति है। वैसे गुरुवार को छात्र संगठन बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।