लखनऊ विश्वविद्यालयों की क्लासों में बेरोक-टोक कुत्ते घुसते हैं और डेस्क व बेंच पर आराम फरमाते हैं। अगर गुरुजी व छात्र उन्हें भगाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें काटने दौड़ते हैं।
कुत्तों के आतंक से पूरी आर्ट्स फैकल्टी परेशान है। सबसे अधिक कुत्ते प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के क्लासरूम में आतंक मचाते हैं। इससे परेशान शिक्षकों ने कुलपति डॉ. एसबी निमसे को पत्र लिखाकर उनसे कुत्तों के आतंक से बचाने की गुहार लगाई है।
शिक्षकों के मुताबिक कई बार तो कैंपस में जाते ही कुत्तों का झुंड चारों ओर से घेर लेता है। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. उदय नारायण सिन्हा ने कुलपति को पत्र लिखकर यह पीड़ा व्यक्त की है।
उनका कहना है कि कैंपस में आवारा कुत्तों का आतंक है। आवारा कुत्तों के कारण पढ़ाई करवाना तक मुश्किल हो जाता है। गुरुजी की यह शिकायत दुरुस्त भी है।
एलयू की आर्ट्स फैकल्टी में क्लासरूम में कुत्तों का कब्जा रहता है। वह डेस्क व बेंच पर आराम फरमाया करते हैं। जब क्लास में छात्र उन्हें भगाते हैं तो वे बेंच व डेस्क के नीचे बैठ जाते हैं।
ऐसे में छात्रों के लिए ठीक से बैठकर पढ़ना मुश्किल हो जाता है। गुरुवार शाम करीब साढ़े तीन बजे आर्ट्स फैकल्टी का जब मुआयना किया गया तो यहां हिन्दी विभाग के क्लासरूम में डेस्क के नीचे कुत्ता आराम फरमा रहा था।
मानवशास्त्र व संस्कृत विभाग के कमरों के बाहर कुत्ते आराम से बैठे हुए थे। छात्र संदीप और अमित ने बताया कि पूरी आर्ट्स फैकल्टी में कुत्तों का आतंक रहता है।
क्लासरूम के बाहर बरामदे में यह आपस में लड़ते हैं। एक काले रंग का आवारा कुत्ता यहां पर कई बार स्टूडेंट को काटने भी दौड़ चुका है।