टर्म प्लान एक शुद्ध रिस्क कवरेज जीवन बीमा उत्पाद होता है। बीमा कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराया जाने वाला यह सबसे साधारण और सामान्य बीमा उत्पाद है, जो परिवार के कमाऊ सदस्य की अचानक मृत्यु होने पर परिवार वालों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराता है। यानी, टर्म प्लान पहला ऐसा जीवन बीमा उत्पाद है, जिसे व्यक्ति अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से खरीदता है।
आज के दौर में जीवन शैली को सुविधाजनक बनाने के लिए कर्ज पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति ने मकान, कार या अन्य सुविधाओं के लिए कर्ज लिया हुआ है, तो उसे यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि असमय उसकी मृत्यु होने पर कर्ज की देनदारी परिवारवालों पर न आ जाए। इस स्थिति में टर्म प्लान उसके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। दूसरी तरफ, संयुक्त परिवार की व्यवस्था जो सामाजिक सुरक्षा के एक आवश्यक टूल की तरह काम करती थी, अब वह प्रासंगिक नहीं रह गई है। ऐसे कई एकाकी परिवार हैं, जो पूरी तरह आत्म निर्भर हैं। टर्म प्लान ऐसे परिवारों की वित्तीय सुरक्षा का अहम साधन है। इसलिए, टर्म प्लान ऐसे सभी कमाने वाले व्यक्तियों के लिए अनिवार्य है, जिन पर आश्रित सदस्य हैं या देनदारियां हैं।
सस्ता पड़ता है ऑनलाइन टर्म प्लान
बीते कुछ वर्षों में ऑनलाइन टर्म प्लान तेजी से लोकप्रिय हुआ है, लेकिन अभी भी बहुत से उपभोक्ताओं को इसे लेकर संशय है। ऑनलाइन प्लान सामान्यत: ऑफलाइन प्लान के मुकाबले 30 से 40 फीसदी सस्ता पड़ता है। ऐसे में प्रीमियम सस्ता होने से ग्राहकों को यह लगता है कि क्लेम के निपटारे में दिक्कतें आ सकती हैं। जबकि, वास्तव में ऐसा नहीं है। ऑनलाइन प्लान में बीमा कंपनी और खरीदार के बीच कोई मध्यस्थ नहीं होता है, जिससे कंपनी की लागत कम आती है और इसका फायदा ग्राहक को कम प्रीमियम के रूप में मिलता है।
सुरक्षित और आसान
टर्म प्लान के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पूरी तरह सुरक्षित है और इसे सीधे कंपनी की वेबसाइट के जरिए पूरा किया जा सकता है। क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के लिए टर्म प्लान की ऑनलाइन खरीदारी किसी अन्य ऑनलाइन खरीदारी जहां आप इन साधनों का इस्तेमाल करते हैं, से अधिक सुरक्षित है। ऑनलाइन टर्म प्लान न केवल सस्ता पड़ता है बल्कि आप कहीं से किसी भी समय अपनी सुविधा अनुसार इसकी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और तत्काल उसका जवाब प्राप्त कर सकते हैं।
प्लान की पारदर्शी प्रक्रिया
ऑनलाइन टर्म प्लान की सबसे बड़ी खासियत उसकी पारदर्शी प्रक्रिया है, जो कि उपभोक्ता को सशक्त बनाती है। ऑनलाइन खरीदार प्लान, उसकी खासियतें, नियम व शर्तों से संबंधित सभी जानकारियां बीमा कंपनी की वेबसाइट के जरिए हासिल कर सकता है। इस पारदर्शी प्रक्रिया से खरीदार प्लान की वास्तविक स्थिति के आधार पर समीक्षा कर सकेगा और विकल्पों की परस्पर तुलना करने में सक्षम होगा। जिससे उसे अपनी जरूरत के मुताबिक सस्ता टर्म प्लान लेने में आसानी होगी।
क्लेम सेटलमेंट अनुपात जरूर देखें
ऑनलाइन टर्म प्लान लेने से पहले ग्राहकों को बीमा कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो जरूर देखना चाहिए। क्लेम सेटलमेंट रेशियो किसी भी बीमा कंपनी के कारोबारी रिकॉर्ड को दर्शाता है।
इन बातों का जरूर रखें ख्याल
ऑनलाइन टर्म प्लान में लाइफ कवर उपभोक्ता की सालाना आमदनी का करीब 10 गुना होना चाहिए। इसमें उसे अपनी निवेश संपत्तियों को घटा लेनी चाहिए और यदि कोई देनदारी हो तो उसे जोड़ लेना चाहिए।
टर्म प्लान की आदर्श अवधि ग्राहक के सेवानिवृत्ति की उम्र और मौजूदा उम्र के बीच का अंतर होना चाहिए। जैसे, यदि उपभोक्ता की वर्तमान उम्र 40 साल और 60 साल सेवानिवृत्ति की उम्र है, तो टर्म प्लान 20 साल के लिए लेना चाहिए।
उपभोक्ता को अपनी जीवन बीमा जरूरतों के मुताबिक सबसे सस्ता प्लान लेना चाहिए, क्योंकि सभी टर्म प्लान का डेथ बेनिफिट एक समान होता है और कोई मैच्योरिटी लाभ नहीं मिलता है।
बीमित व्यक्ति को अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां, धूम्रपान की आदत, व्यावसायिक ब्योरा और अन्य जरूरी जानकारियां सही-सही बीमा कंपनी को देनी चाहिए। जिससे कि क्लेम के समय कोई दिक्कत न आए।
टर्म प्लान लेते समय अपना पूरा ब्योरा भरें और नियम व शर्तों को पूरी तरह जरूर पढ़ लें।
एक बार टर्म प्लान लेने के बाद प्रत्येक 3 से 5 साल पर उसकी समीक्षा करनी चाहिए।