जीएमसीएच-32 में एमबीबीएस की 50 सीटें खत्म करने से एडमिशन से वंचित मेडिकल स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने रविवार को सेक्टर-33सी में प्रदर्शन किया।
पेरेंट्स व मेडिकल स्टूडेंट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि प्राइवेट कालेजों में सीटों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को पंजाब के एक प्राइवेट कालेज की 0 से 150 सीटे बढ़ा दी गईं। पेरेंट्स के मुताबिक, उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।
यदि पहले ही तय कर दिया जाता कि 50 सीटे रहेंगी तो बच्चे दूसरी जगह काउंसिलिंग में हिस्सा लेते। पेरेंट्स ने बताया चुप नहीं बैठेंगे, जब तक सीटें नहीं बढ़ जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पेरेंट्स ने बताया सोमवार को फिर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मिलेंगे। पीड़ित परिवारों का कहना है कि डॉ. हर्षवर्धन ने उनके सामने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की प्रमुख जयश्री को फोनकर इस मुद्दे को सुलझाने की बात कही है। रविवार को सांसद किरण खेर से मुलाकात करने की योजना थी, लेकिन ऐन वक्त पर उसे टाल दिया गया। बाद में तय हुआ कि सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे पेरेंट्स व मेडिकल स्टूडेंट किरण खेर के माध्यम से डॉ. हर्षवर्धन से मुलाकात करेंगे।
एससी वर्ग के मेडिकल स्टूडेंट भी हताश
100 से 50 सीटें हो जाने से एससी वर्ग के मेडिकल स्टूडेंट भी परेशान हो रहे हैं। इस फैसले से उनकी सीटे भी कम हो गईं हैं। 100 सीटों में उनके वर्ग की 12 सीटें थीं। अब उनकी छह ही सीटें रह गईं हैं। एससी वर्ग के कैटेगिरी की एक मेडिकल स्टूडेंट ने बताया कि सौ सीटें होने से उसका आसानी से एडमिशन हो रहा था। छात्र व उसके पेरेंट्स इस मुद्दे को अनुसूचित जाति आयोग में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।