बिजली के लिए ऊर्जा कंपनियों के भरोसे रहने वाला रेलवे अब खुद भी बिजली उत्पादन करने जा रहा है। इसके लिए पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन शुरू किया जाएगा। बिजली उत्पादन का काम देखने के लिए रेलवे ऊर्जा प्रबंधन कंपनी (आरईएमसी) के गठन का ऐलान किया गया है।
रेल मंत्री पवन बंसल ने बजट में इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि रेलवे हमेशा से पर्यावरण संरक्षण, निरंतर विकास तथा ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए प्रतिबद्ध रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अब सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के संयंत्र स्थापित किये जाएंगे। रेलवे पवन ऊर्जा से 75 मेगावाट बिजली पैदा करने के संयत्र लगाएगा।
रेलवे ने नई पीढ़ी के ऊर्जा कुशल बिजली रेल इंजन तथा इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट लगाकर वर्ष 2011-12 में 60 करोड़ यूनिट बिजली बचाई। इसके लिए रेलवे को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार भी मिल चुका है। दरअसल योजना आयोग और ऊर्जा मंत्रालय शुरू से कहते रहे हैं कि रेलवे समेत विभिन्न कंपनियों को बिजली का खुद इंतजाम करना चाहिए। इसलिए रेलवे ने यह पहल की है।