आरएसएस समर्थित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) सहित ट्रेड यूनियनों ने मांग की है कि बेरोजगार अंशधारकों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) या तो पीएफ के पूरे पैसे निकालने की अनुमति दे या खाते में पड़े पैसों पर ब्याज का भुगतान करे।
इंडियन नेशनल ट्रेट यूनियन कांग्रेस के उपाध्यक्ष और ईपीएफओ के एक ट्रस्टी अशोक सिंह ने कहा, ‘हम श्रम मंत्रालय से यह मांग करेंगे कि नये नियमों के अनुसार, ईपीएफओ बेरोजगार अंशधारकों को या तो पीएफ में पड़े पूरे पैसों का भुगतान करे या जमा पैसों पर ब्याज का भुगतान करे।’
इसी महीने ईपीएफओ ने पीएफ में जमा पैसों की निकासी के नियम कड़े कर दिए हैं। अब दो महीने की बेरोजगारी के बाद अंशधारक अपने योगदान और ब्याज के सिर्फ 90 प्रतिशत की निकासी कर सकते हैं। इससे पहले, दो महीने की बेरोजगारी के बाद उन्हें पूरे पैसे निकालने की अनुमति थी। हालांकि, ईपीएफओ के नए नियम उन महिला कर्मचारियों पर लागू नहीं होते जो शादी, गर्भावस्था या बच्चे के जन्म के बाद इस्तीफा देती हैं।