केंद्र सरकार को भी रेलगाड़ी को तेज रफ्तार देने के लिए बड़ी मात्रा में नगदी की जरूरत पड़ती है। जानिए सरकार कैसे लाखों-करोड़ों रुपए का बजट आम जनता के लिए बनाती है।
रेलवे की आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत उसकी माल गाड़ियां हैं। इन माल गाड़ियों के जरिए रेलवे हर साल अरबों रुपए कमाती है। वही माल ढुलाई के बाद यात्री टिकट से भी उसकी आमदनी में बढ़िया पैसे आते हैं।
जब वित्त वर्ष 2014-15 का रेल बजट बनाया गया तो उस समय के रेलवे की आय के विभिन्न स्रोत बताएं गए थे। वित्त वर्ष 2014-15 में माल ढुलाई को बढ़ाकर 1101 मीट्रिक टन कर दिया गया था जोकि वर्ष 2013-14 में मात्र 51 मीट्रिक टन ही थी।
बजट अनुमानों के मुताबिक यह अनुमान लगाया था कि रेल में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में 2 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। माल ढुलाई के जरिए रेलवे ने 1,05,770 करोड़ रुपए की आमदनी का अनुमान लगाया था।
यात्री टिकट से कितना कमाती है रेलवे?
यात्री टिकट से होने वाली आय का अनुमान 44,645 करोड़ रुपए रखा गया था। सीजिशनल टिकट की कीमतों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने के बाद रेलवे की आय में 610 करोड़ रुपए का अनुमान कर दिया गया था।
वित्त वर्ष 2014-15 में रेलवे ने कुल होने वाली आय का अनुमान 1,64,374 करोड़ रुपए रखा गया था। वहीं कुल खर्च का अनुमान 1,49,176 करोड़ रुपए था।
वित्त वर्ष 2014-15 में रेलवे ने अपने कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए 28,850 करोड़ रुपए का बजट रखा था। रेलवे ने अनुमान जताया था कि वह वित्त वर्ष 2014-15 में लाभांश के तौर पर 9,135 करोड़ रुपए देगा। रेलवे ने उम्मीद जताई थी कि वित्त वर्ष 2014-15 में उसका ऑपरेटिंग रेशियो बढ़कर 92.5 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगा।
पीपीपी से रुपए जुटाने की थी योजना
इसके अलावा रेलवे ने अभी तक का सबसे बड़ा बजट प्लान पेश किया था। इसके तहत 65,445 करोड़ रुपए का प्लान आउटले पेश किया गया था। इसके तहत रेलवे को बजट के तहत 30,100 करोड़ रुपए की सहायता दिए जाने की घोषणा की गई थी।
रेलवे सेफ्टी फंड के तहत 2,200 करोड़ रुपए, आंतरिक संसाधनो के जरिए 15,350 करोड़ रुपए, ईबीआर के जरिए बाजार से 11,790 करोड़ रुपए। सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए 6,005 करोड़ रुपए जुटाने का अनुमान रखा गया था।
रेल बजट में रेलवे को वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में वित्त वर्ष 2014-15 में 9,383 करोड़ रुपए अधिक का आवंटन किया गया था। वर्ष 2013-14 में रेलवे ने अपने आतंरिक स्रोतों से 11,710 करोड़ रुपए की आमदनी की थी।