वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बजट भाषण के दौरान कहा कि महिलाओं, युवाओं और गरीबों के प्रति सरकार की खास जिम्मेदारी है और वह इसे निभाने का वचन देते हैं।
चिदंबरम ने कहा कि वह देश के अधिकांश लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन रूपों का उल्लेख कर रहे हैं। पहला महिला का रूप है। वह बालिका है, छात्रा है, गृहणी है। कामकाजी महिला है और मां है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हम बच्चियों और महिलाओं के साथ दृढ़ता से खडे़ हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा सशक्तीकरण के लिए एक हजार करोड़ रुपये की निर्भया निधि शुरू करेगी।
इसके बाद चिदंबरम ने युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवा महत्वाकांक्षी है और दोनों ही नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। युवाओं को कौशल विकास के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम एक परीक्षा का संचालन करेगा। इसमें उत्तीर्ण युवाओं को दस हजार रुपये की राशि और प्रमाणपत्र दिया जाएगा। दस लाख युवाओं के इसके लिए प्रेरित होने की उम्मीद है। इसके लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तीसरे वचन में चिदंबरम ने गरीबों का जिक्र करते हुए कहा कि असली धन वही है। जो जनता के काम आए। उन्होंने बताया कि 11 लाख लोगों को कैश ट्रांसफर स्कीम के तहत लाभ सीधे बैंक खातों में प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह योजना पूरे देश में लागू की जाएगी।