कहते हैं कि किस्मत खराब हो तो उठते हुए सितारे भी गर्दिश में चले जाते हैं। ऐसा ही कुछ उस व्यक्ति के साथ हुआ जो किसी दूसरे व्यक्ति के जुर्म की सजा काटकर जेल से बाहर आया और आते ही दिल के दौरे का शिकार हो गया।
न्यूयार्क के डेविड रांता को कल ही 23 साल बाद जेल से रिहा किया गया था। खास बात ये थी कि डेविड ने उस जुर्म की सजा भुगती जो उन्होंने किया ही नहीं। 23 साल पहले एक पादरी की हत्या के जुर्म में डेविड को सजा मिली। लेकिन सच्चाई बाद में पता चली कि डेविड हत्या में शामिल नहीं था।
23 साल की कानूनी जंग के बाद कल डेविड जेल से रिहा हुआ और देर रात उसे हार्ट अटैक हो गया। उस समय डेविड जेल से रिहा होने के बाद परिवार वालों के साथ बातचीत में व्यस्त था। उसे तुरंत न्यूयार्क अस्पताल में भरती कराया गया जहां डॉक्टर सर्जरी की तैयारी कर रहे हैं।
डेली मेल के अनुसार आठ फरवरी 1990 के दिन विलियम्सबर्ग में ड्रग एडिक्ट डेविड को रब्बी चेस्केल की हत्या के जुर्म में 37 साल की सजा सुनाई गई।
27 साल बाद न्यूयॉर्क के सुप्रीम कोर्ट में जज ने डेविड की रिहाई का हुक्म सुनाया। जज ने कहा कि गवाहों के झूठ बयान के आधार पर डेविड को जुर्म में भागीदार माना गया था। डेविड ने इस संबंध में अपने वकील का धन्यवाद किया जिन्होंने 23 साल तक उसके लिए जंग लड़ी और सफलता पाई।
कल जेल से रिहा होने के बाद 58 साल का डेविड न्यूयॉर्क में एक होटल में अपने परिजनों के साथ था जब उसे हार्ट अटैक हुआ। पहले तो परिजनों ने सोचा कि शायद तनाव के चलते यह दर्द हो रहा है लेकिन जल्द ही साबित हो गया कि यह दिल का दौरा है।