द्रमुक में बढ़ रहे असंतोष का एक और संकेत देते हुए पार्टी प्रमुख करुणानिधि के पुत्र एम के अलागिरि सोमवार को पार्टी कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए।
बताया जा रहा है कि डीएमके के केंद्र से समर्थन वापसी के फैसले पर उनसे सलाह नहीं लिए जाने से अलागिरी नाराज हैं। चेन्नई में आयोजित इस बैठक से पहले आज सुबह ही अलागिरी अपने चुनाव क्षेत्र मदुरै के लिए निकल गए।
बताया जाता है कि डीएमके इस बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है। यह प्रस्ताव यूएनएचआरसी में श्रीलंका के खिलाफ कड़ा प्रस्ताव लाने में असफल रहने के लिए होगा।
सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में भारत सरकार से ये मांग की जाएगी कि वह कोलंबो में कॉमनवेल्थ शिखर वार्ता न होने दे और अगर वहां शिखर वार्ता होती है तो भारत उसमें शामिल न हो।
हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री और मदुरै के बड़े नेता अलागिरि का पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला पार्टी पर काफी गहरा असर डाल सकता है।