आपकी भी कोई न कोई मनोकामना जरुर होगी। आप धन चाहते होंगे या सुंदर जीवनसाथी। अगर विवाह हो गया है तो संतान या फिर वैवाहिक जीवन में आपसी प्रेम की कामना होगी।
आपकी ऐसी ही मनोकामना को पूरी करने के लिए भगवान शिव ने कुछ खास रुद्राक्ष बनाए हैं। व्यक्ति मनोकामना के अनुसार इन्हें धारण करे तो इसका लाभ जल्दी मिलता है।
कैरियर और शिक्षा में सफलता के लिए
हर व्यक्ति के लिए सबसे जरुरी होता है उनका कैरियर और पढ़ाई। और इसके लिए जरुरी है कि आपकी बुद्घि प्रखर और स्मरण शक्ति तेज हो।
इसके लिए गणेश रुद्राक्ष को कारगर माना जाता है। नाम के अनुसार ही यह रुद्राक्ष गणेश जी तरह सूंढ़ वाला होता है। माना जाता है कि इसे धारण करने से एकाग्रता एवं मेधा शक्ति बढ़ती है।
इस रुद्राक्ष को शिवरात्रि, चतुर्थी या किसी बुधवार के दिन शुभ योग एवं मुहूर्त में धारण करना चाहिए।
शादी और वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए
प्रकृति में एक खास रुद्राक्ष मिलता है जिन्हें देखने पर लगता है कि दो रुद्राक्ष आपस में जुड़े हुए हैं। इस तरह के रुद्राक्ष को गौरी शंकर रुद्राक्ष कहा जाता है।
शास्त्रों में बताया गया है कि गौरी शंकर रुद्राक्ष साक्षात शिव और पार्वती का स्वरुप होता है। शिवरात्रि अथवा किसी भी शुभ दिन इसकी पूजा करके धारण करें तो विवाह में आने वाली बाधा दूर होती है।
जिनके वैवाहिक जीवन में मतभेद बना रहता है उनके लिए भी यह आपसी प्रेम बढ़ाने वाला रुद्राक्ष माना गया है।
संतान सुख के लिए धारण करें यह रुद्राक्ष
गौरी शंकर रुद्राक्ष की तरह ही एक अन्य रुद्राक्ष होता है जो आपस में जुड़ा होता है। लेकिन इसमें एक रुद्राक्ष छोटा और दूसरा बड़ा होता है। इस रुद्राक्ष को गर्भगौरी रुद्राक्ष कहा जाता है।
माना जाता है कि इसमें बड़ा रुद्राक्ष देवी पार्वती एवं छोटा कुमार कार्तिकेय का प्रतीक है। इस रुद्राक्ष को शुभ मुहूर्त एवं योग में धारण करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।