दुनिया को एकता और शांति की संदेश देने वाले संतों का आपसी विवाद लगातार नया रूप ले रहा है। अग्नि पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद ने काशी सुमेरू पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेद्रानंद सरस्वती के खिलाफ परिवाद दाखिल किया है। मामला कुंभ मेले की अदालत में दाखिल किया गया। अदालत में गवाहों का बयान दर्ज करने के लिए अदालत में 22 फरवरी की तारीख नियत की है।
अदालत में दर्ज बयान के मुताबिक स्वामी रामकृष्णानंद ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती की ओर से शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बारे में जो भी अपशब्द कहे हैं, उसे पढ़कर मेरी धार्मिक भावना आहत हुई है। बता दें कि जिला कचहरी में स्वामी स्वरूपानंद बनाम स्वामी वासुदेवानंद के दीवानी मुकदमे में काशी सुमेरू पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती की ओर से हलफनामा दायर किया गया था।
स्वामी रामकृष्णानंद के अधिवक्ता केशव चंद्र द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उक्त हलफनामे में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया गया है, जिसे पढ़कर मेरे मुवक्किल की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और उन्हें मानसिक आघात लगा है। लिहाजा धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में 153 ए के तहत उन्हें गिरफ्तार करके दंडित किया जाना चाहिए।