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प्रधानमंत्री की कार्यशैली : पीएम मोदी के सामने जाने के लिए कितनी तैयारी है जरूरी, रेल मंत्री ने किया खुलासा

Sat, 04 Dec 2021 09:01 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय रेलवे, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। रेलवे की योजनाओं, बुलेट ट्रेन की प्लानिंग, रेलवे स्टेशनों को अत्याधुनिक बनाने और रेलवे के निजीकरण जैसे बिंदुओं पर जानकारी दी। रेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने का अपना अनुभव भी साझा किया। पढ़िए क्या बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव... 
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क्यों मंत्रियों को वापस लौटा देते हैं प्रधानमंत्री? 
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, 'प्रधानमंत्री हर किसी की बात बहुत ध्यान से सुनते हैं। उनसे ज्यादा सुनने वाला कोई नहीं मिलेगा। वह हर फाइल को बड़ी बारीकी से देखते और समझते हैं। अगर कोई  आधी-अधूरी फाइल लेकर उनके पास चला जाता है तो उसे वह वापस कर देते हैं। उनके सामने जाने के लिए बहुत विस्तार से तैयारी करनी होती है। वह हर चीज की समझ रखते हैं, इसलिए उनसे बात करने से पहले खुद हर मुद्दे की जानकारी रखनी होती है।' 

 

प्रधानमंत्री ने रात में 11 बजे रेल मंत्री को क्यों फोन किया? 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला
रेल मंत्री ने अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों की खासियत के बारे में जानकारी दी। कहा, 'अच्छे स्टेशन बनाने में तीन-चार बातों का ख्याल रखा जाता है। इसके मुताबिक, सबसे ज्यादा सिटी के साथ स्टेशन का इंटीग्रेशन होना चाहिए। ट्रैफिक का फ्लो अच्छा होना चाहिए। स्टेशन के साथ उस शहर का कल्चर मैच होना चाहिए।' 

अश्विनी वैष्णव ने आगे प्रधानमंत्री के फोन कॉल का भी जिक्र किया। बताया कि अभी देश के करीब 40 रेलवे स्टेशनों का मॉडल तैयार हुआ है। एक बार अचानक रात में 11 बजे प्रधानमंत्री जी का फोन आ गया। उन्होंने कहा, 'अश्विनी ये ध्यान रखना कि ये जो हम बना रहे हैं वो अगले 50 साल के लिए बना रहे हैं।

कहीं पर भी कोई शार्टकट नहीं होना चाहिए। शहर में दोनों तरफ स्टेशन की एंट्री होनी चाहिए। अगर एक तरफ से कोई दूसरी तरफ जाना चाहता है तो ये सुविधा भी स्टेशन से ही मिलनी चाहिए। अगर हमारे गरीब भाई बहन या महिलाएं स्टेशन के अंदर कोई स्टॉल लगाना चाहते हैं तो उसके लिए व्यवस्था होनी चाहिए। यही नहीं, प्रधानमंत्री जी ने साफ कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।'

रेल विकास की क्या है योजना?

भारतीय रेलवे - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन काफी अच्छा है। वह कहते हैं कि रेलवे में इतनी क्षमता है कि ये देश के अर्थशास्त्र को बदल सकता है। चीन, जापान, जर्मनी, यूरोप जैसे कई देश इसके उदाहरण हैं, जहां रेलवे ने वहां की इकनॉमी को ट्रांसफॉर्म कर दिया। भारत में ऐसा करने के लिए रेलवे को ट्रांसफॉर्म करना पड़ेगा। इसके दो भाग हैं। 

1. यात्रियों का अनुभव : टिकट लेने से लेकर सफर तक यात्रियों का अनुभव कैसे बेहतर किया जाए, इसपे काम करने की जरूरत है। अच्छे और अत्याधुनिक स्टेशन होना चाहिए, आबादी के हिसाब से ट्रेन होनी चाहिए। वह सारी सुविधाएं यात्रियों को मिलनी चाहिए जो उनके लिए जरूरी हों।  

2. लॉजिस्टिक्स में रेलवे की भूमिका को मजबूत बनाना : देश में लॉजिस्टिक्स की कीमतों को कम करने में रेलवे की अहम भूमिका है। इसके लिए रेलवे के पास कार्गो मार्केट का बड़ा शेयर होना चाहिए। इस क्षेत्र में हम काम कर रहे हैं। 
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क्या रेलवे का निजीकरण होगा? 

रेलवे का निजीकरण। - फोटो : अमर उजाला
अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'रेलवे के निजीकरण को लेकर सदन में कई बार बताया जा चुका है। पीयूष गोयल बोल चुके हैं कि रेलवे के निजीकरण का कोई सवाल ही नहीं है। रेलवे को बेचने की कोई बात नहीं है। दुनिया में कहीं भी देखिए तो रेलवे सरकार की संपत्ति ही होती है। भारत में भी ये पूरी तरह से सरकारी दायरे में ही रहेगा। 100% कंफर्म है कि रेलवे सरकार संपत्ति ही रहेगी।' 

बुलेट ट्रेन कब चलेगी?
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुलेट ट्रेन योजना के लिए गुजरात में 97% जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। महाराष्ट्र में थोड़ी दिक्कत आ रही है, लेकिन उम्मीद है कि ये भी जल्द हो जाएगा। 2026-27 तक हर हालत में गुजरात और महाराष्ट्र के बीच बुलेट ट्रेन चलने लगेगी। 
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