देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों की मांग बढ़ी है। कोरोनाकाल में लोगों ने सीजनल फलों के अलावा विदेशी फलों का जमकर लुत्फ उठाया है। इन दिनों भारत में अमेरिका से मंगाए जाने वाले सेब फल, कीवी और ब्लूबेरी की भारी मांग देखी जा रही है। ब्लूबेरी दो हजार से 2500 रुपये प्रति 1.50 किलो की दर से मिल रही है। चिली की कीवी का भाव 800-900 रुपये प्रति 10 किलो चल रहा है।
आजादपुर सब्जी मंडी के व्यापारियों ने अमर उजाला को बताया कि कोरोनाकाल के दौरान लोगों की इम्यूनिटी वाले फलों की तरफ रूचि बढ़ी है। लोग सेहत के लिए उपयोग होने वाले फलों पर ज्यादा खर्च करते हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के चलते विमान सेवा ठप रही लेकिन फिर भी फलों के आयात में 20 से 30 फीसदी की सालाना बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। इन दिनों लोगों की रूचि विदेशों से आने वाले सेब, कीवी और ब्लूबेरी में है। हर कोई इनकी मांग कर रहा है।
फिलहाल आजादपुर मंडी में वाशिंगटन से आने वाला सेब 200 से 220 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। वहीं ब्लूबेरी की 1500 से 1600 रुपये प्रति किलो है। इसके अलावा चिली किवी के दाम 180 से 200 रुपये और ईरान की कीवी के दाम 80 रुपये प्रति किलो तक हैं। वहीं ईरान का सेब 100 से 150 रुपये प्रति किलो है।
देश में अप्रैल माह में भारतीय सेबों का सीजन खत्म हो जाता है। इसके बाद ही वाशिंगटन से आने वाले सेब का आयात शुरू हो जाता है। इन सेब की कीमत की बात करें तो दिल्ली के आजादपुर मंडी में इसके दाम 4,200 से 4,400 रुपये प्रति 20 किलो हैं।
हर साल दो लाख टन सेबों का आयात होता है, जिनकी औसत लागत देश में 120-150 रुपये प्रति किलो तक पड़ती है। जहां तक वाशिंगटन से आने वाले फलों की बात है तो मार्च 2021 में खत्म वित्त वर्ष में घटकर 3,81,614 कार्टन तक रह गया था। एक साल पहले 10.70 कार्टन का इंपोर्ट हुआ था, वह भी तब जबकि रसीले फलों पर आयात शुल्क 50% से बढ़ाकर 75% कर दिया था।