निशाना कोई और था लेकिन मारा शशि गया। जब पुलिस ने गिरफ्तार नामजद आरोपियों से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। घटना उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ठा. जयवीर सिंह के करीबी रहे शशि चौहान की हत्या के मूल में जो बातें छनकर आई हैं, वह चौंकाने वाली हैं। हत्याकांड में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों से पूछताछ और अब तक की जांच पर गौर करें तो शशी व अर्शी दोस्त थे।
अर्शी के निशाने पर शशि चौहान था ही नहीं। वह तो अपने सगे भाई शकील द्वारा बसपा प्रत्याशी को सपोर्ट व वोट देने पर नाराज था। इसी बात पर उसने पोलिंग बूथ पर ही भाई को गोली मारने तक की धमकी दे दी थी और शाम को भाई पर हमला भी बोला था।
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मगर साथ बैठे दबंग छवि के शशि ने जब उसे रोकना चाहा तो अर्शी ने दूसरी गोली शशि को मार दी, जो उसकी पीठ पर लगकर सीने के पार निकल गई। पुलिस ने यह तथ्य सामने आने के बाद दोनों को जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार रविवार देर रात हुई घटना के बाद अर्शी तो मौके से भाग गया था।
मगर मौके पर मौजूद शकील निवासी धोबी वाली गली नई बस्ती और साजिद पुत्र चमन खां निवासी लोहिया नगर बन्नादेवी घायल शशी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां मौत होने के बाद भी उन्होंने पुलिस को खबर नहीं दी।