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ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनर ने जबरन कॉलेज छात्रा को दिया छत से धक्का, मौत

Fri, 13 Jul 2018 12:55 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला
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तमिलनाडु के कोयंबतूर शहर में आपदा प्रबंधन की ड्रिल के दौरान एक कॉलेज की तीसरी मंजिल से कूदने पर एक 19 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। इस हादसे में प्रशिक्षक को कथित रूप से छात्रा को कूदने के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। 

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पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस घटना का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुरक्षित लैंडिंग के लिए नीचे नेट लगे होने के बावजूद लड़की कूदने से हिचक रही थी। यह भी प्रतीत हो रहा है कि प्रशिक्षक उसे धक्का देने की कोशिश कर रहा था। 


बताया जा रहा है कि मामला शहर के लोकेश्वरी स्थित कोवई कलईमगल कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग के समय ग्रेजुएशन सेकेंड ईयर की छात्रा को बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से कूदने को कहा गया था। वह उस वक्त पूरी तरह तैयार नहीं थी। वहीं नीचे खड़े छात्रों ने हाथ में नेट पकड़ा हुआ था कि यदि वह छात्रा गिरे तो उसे बचाया जा सके। यह सभी उस ट्रेनिंग का हिस्सा था। इसी दौरान जब वह कूदी तो पहली मंजिल पर लगे सनशेड से टकरा गई।

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जानकारी के मुताबिक 19 वर्षीय छात्रा इस ट्रेनिंग के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिर भी उसे जबरन कूदने के लिए कहा गया। जब वह कई बार बोलने के बाद भी नहीं कूदी तो उसके पीछे खड़े ट्रेनर ने उसे धक्का दे दिया। उस वक्त वहां कॉलेज के अन्य छात्र और स्टाफ भी मौजूद था। जब ट्रेनर ने उसे धक्का दिया तो वह अनियंत्रित होकर बिल्डिंग से नीचे गिर गई। जिसके बाद उसे काफी चोटें भी आ गईं। इसके बाद छात्रा को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसे सिर और गले में बहुत चोटें आई थीं।

पुलिस का कहना है कि 20 छात्रों को आपातकाल के समय कूदने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। कॉलेज प्रबंधन ने आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा ट्रेनिंग का आयोजन किया था। पुलिस ने आरोपी ट्रेनर अरुमुगन को हिरासत में ले लिया है। उसके पास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से ट्रेनिंग प्रोग्राम कराने का प्रमाणपत्र भी है।

घटना के वक्त मौजूद एक छात्र का कहना है कि 'वह लड़की दूसरी मंजिल से कूदने की इच्छुक थी लोकिन बाद में मना करने लगी। जिसके बाद ट्रेनर ने उसे वापिस भेज दिया। कुछ देर बाद उसमें साहस आया और उसने ट्रेनर से दोबारा कहा कि वह कूदना चाहती है। उसने पहली मंजिल की सनशेड को देख लिया और कूदने से डरने लगी। ट्रेनर ने उसे उत्साहपूर्वक कूदने को कहा। फिर भी जब वह नहीं कूदी तो उसने उसे धक्का दे दिया। जिसके बाद वह सनशेड से टकराकर नीचे गिर गई।' इस हादसे के बाद से ही कॉलेज प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब छात्रा कूदने के लिए तैयार नहीं तो उसे क्यों मजबूर किया गया।

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