जीटी रोड पर कार लूट के बाद अकराबाद की नानऊ नहर पटरी पर पुलिस शूटआउट में मारा गया दुर्दांत लुटेरा गैंग सरगना रमजानी यूपी-उत्तराखंड का कुल 80 हजार रुपये का इनामी था। वह पिछले करीब चार साल से परिवार के संपर्क में नहीं था।
रमजानी की लाश का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया, उसके शरीर में कुल चार गोलियां लगकर आरपार हो गईं थीं। फिलहाल इस लूट व मुठभेड़ कांड के संबंध में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
रमजानी के शरीर में चार गोलियां लगी हैं, जिसमें एक गोली से उसके दायें पैर की हड्डी पंजे के ऊपर से टूटी है। दूसरी गोली सिर को कनपटी के पास से चीरते हुए निकली है। दो अन्य गोलियां सीने में दोनों फेफड़ों को चीरते हुए आरपार निकल गईं हैं।
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पोस्टमार्टम के बाद उसका शव सुरक्षित रख लिया गया है इसके फरार साथियों में अलीगढ़ के किसी असलम नाम के लुटेरे का जिक्र पुलिस जांच में सामने आ रहा है। पता चल रहा है कि रमजानी असलम के पास ही इन दिनों फरारी काट रहा था। इसे लेकर काफी सूचनाएं व लोकेशन मिल रही थीं, मगर दोनों की कोई पहचान न होने के कारण पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही थी। अब पुलिस असलम की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
वह अपने गैंग का सरगना था
- फोटो : अमर उजाला
सर्विलांस टीम व अकराबाद पुलिस की मुठभेड़ में शुक्रवार देर रात मारे गए दुर्दांत लुटेरे रमजानी पुत्र शमीम उर्फ शफीक निवासी मुड़लाना थाना मंगलौर जिला हरिद्वार उत्तराखंड के विषय में अब तक मिली जानकारी के अनुसार वह पिछले करीब डेढ़ दशक से हरिद्वार, सहारनपुर आदि जिलों में लूट, हत्या व डकैती की वारदातों को अंजाम देता घूम रहा था।
वह अपने गैंग का सरगना था। उस पर करीब दो दर्जन लूट, हत्या व डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। इसी क्रम में उस पर सहारनपुर से 50 हजार का और हरिद्वार से 25 हजार रुपये का इनाम हुआ था। इसके अलावा हरिद्वार के ही भगवानपुर से 2016 की एक डकैती की वारदात में 5 हजार का इनाम हुआ था।
उसके अब तक के आपराधिक रिकार्ड में देवबंद में वर्ष 2015 में पुलिसकर्मी से कारबाइन लूट भी शामिल है। अब पुलिस इस अंदेशे पर जांच कर रही है कि कहीं यह कारबाइन वही तो नहीं है।
एसओ अकराबाद के अनुसार इस घटनाक्रम को लेकर पहला मुकदमा लूट का शिकार हुए कार स्वामी पूर्व प्रधान जितेंद्र पाल सिंह निवासी जिरौली डोर लोधा की ओर से, दूसरा खुद एसओ की ओर से पुलिस मुठभेड़ का और तीसरा भी एसओ की ओर से कारबाइन बरामद होने का दर्ज किया गया है।
देर रात समाचार लिखे जाने तक परिजनों का इंतजार हो रहा था। गांव से परिजन भी गायब हैं। कुछ रिश्तेदारों से पुलिस का संपर्क हुआ है, जो देर रात तक अलीगढ़ पहुंचने की बात कह रहे हैं।