दलित परिवार की 18 साल की बेटी से पहले बलात्कार हुआ अब इसी परिवार के 22 लोगों को गांव छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है। पीड़ित परिवार अब तंबू लगाकर कलेक्टर के दफ्तर के बाहर रह रहा है।
मामला गुजरात के अमरेली जिले के वाडली गांव का है। दलित समुदाय 'बरिया' के एक परिवार की 18 साल की बेटी से दिसंबर 2015 में बलात्कार हुआ था। आरोप है कि बलात्कार करने वाला युवक ऊंची जाति 'दरबार' से था।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पीड़ित दलितों का कहना है कि आरोपी दंबग उन्हें पुलिस में दी गई शिकायत वापस लेने की धमकी देते हैं। उनकी इसी धमकी से डरकर परिवार के 22 सदस्य गांव छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।
'घर से घसीटकर ले गया था बेटी को'
- फोटो : crime scene demo
भारी बारिश में तंबू में जीवन गुजार रहे दलित परिवार ने बताया है कि गांव में उनकी ढाई एकड़ जमीन है और वहां चार घर हैं जिसे भी वह छोड़कर भाग आए हैं।
तंबू के नीचे रह परिवार की मांग है कि उन्हें सरकार अस्थाई तौर पर रहने की व्यवस्था करे और उनके परिवार की सुरक्षा निश्चित हो। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने उनकी व्यवस्था करने का भरोसा दिया है कि लेकिन दिन-प्रति दिन उनकी हालत खराब होती जा रही है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी 18 वर्षीय बेटी को घर से एक दबंग युवक ने घर से घसीटकर ले गया था और उसका रेप किया था। आरोपी ने रातभर युवती को अपने साथ रखा था और सुबह चार बजे उसे छोड़ा था।
राजुला तालुका की पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ कई धाराओं में शिकायत दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपियों से पीड़ित परिवार पर शिकायत वापस लेने दबाव बनाया जा रहा था। ऐसा न करने पर गांव से निकालने की धमकी भी दी जा रही थी।
मामले में इलाके के डीएम ने बताया है कि परिवार को एक लाख 20 हजार रुपए सहायता राशि दी जा चुकी है अभी दो लाख रुपए और दिए जाएंगे। प्रशासन ने उन्हें गांव में वापस बसाने की कोशिश की लेकिन वह अब गांव लौटने को राजी नहीं हो रहे।