राजस्थान में कोरोना की मार तेज होती जा रही है। बीते 24 घंटे में कोरोना के 550 मामले सामने आए हैं। इसमें ओमिक्रॉन के 53 नए मरीज भी शामिल हैं। ओमिक्रॉन के नए मरीज जयपुर, प्रतापगढ़ समेत 6 जिलों में मिले हैं। राज्य में अब इस नए वैरिएंट से संक्रमितों की संख्या 174 हो गई। ओमिक्रॉन वैरिएंट के सबसे ज्यादा 43 मरीज जयपुर में मिले हैं। इसके अलावा प्रतापगढ़ में 4, अजमेर, उदयपुर में 2-2 और भरतपुर, भीलवाड़ा में एक-एक मरीज मिला है।
राजस्थान स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को सबसे ज्यादा जयपुर में 414 केस मिले हैं, जिसमें 60 बच्चे शामिल हैं। जयपुर के अलावा अन्य जिलों की स्थिति देखें तो कोटा में 26, जोधपुर 28, अजमेर, अलवर में 17-17, प्रतापगढ़ में 9, सीकर 7, गंगानगर, भीलवाड़ा में 6-6, भरतपुर, बीकानेर में 5-5, सिरोही 3, उदयपुर में 2 और टोंक, झुंझुनूं, दौसा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा में एक-एक केस मिला है। इस दौरान 38 मरीज ठीक भी हुए हैं।
प्रदेश में अब तक 9 लाख 57 हजार 433 लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके है, जबकि 9 लाख 46 हजार 385 मरीज ठीक हुए हैं। इस बीमारी से अब तक 8,964 मरीजों की मौत हो चुकी है।
इधर, मौत पर हंगामा
दूसरी ओर सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के आलनपुर स्थित सामान्य चिकित्सालय में उस वक्त जमकर हंगामा हुआ, जब प्रसव के दौरान एक प्रसूता तथा उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया। हंगामे के कारण अस्पताल में लोगों की जमकर भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना पर चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
परिजनों का कहना था कि छाण गांव निवासी प्रसूता को एक दिन पहले प्रसव के लिए जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु यूनिट में भर्ती करवाया गया था। जहां प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। उसके पश्चात प्रसूता डिलीवरी के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग हो जाने से दर्द से तड़पती रही, लेकिन चिकित्सकों ने उसके उपचार पर गंभीरतापूर्वक ध्यान नहीं दिया। परिजनों ने दोषी चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं इस मामले में अब कोतवाली पुलिस जांच में जुटी है।