राजस्थान के बूंदी जिले की एक विशेष पोक्सो कोर्ट ने 10 साल की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी एक पिता को अंतिम सांस तक जेल में रहने की कठोर सजा सुनाई है। दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सजा का एलान गुरुवार को किया गया। एसपी जय यादव ने बताया कि बूंदी पुलिस ने मामले को 'केस ऑफिसर स्कीम' में लेकर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अभियोजन के अनुसार बूंदी जिले के डाबी पुलिस थाने में 21 जनवरी 2021 को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
थाना क्षेत्र के लाम्बाखोह गांव में करीब साढ़े 10 साल की बेटी से उसके पिता द्वारा दुष्कर्म करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने नाबालिग बेटी के बयान के आधार पर पिता के खिलाफ धारा 376(2)(च), 376 क ख, पोक्सो एक्ट व अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। केस की जांच महिला अनुसंधान सेल के उप अधीक्षक नारायणलाल विश्नोई को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान बालिका का मेडिकल कराने के बाद उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया। उसके बाद 35 वर्षीय आरोपी निवासी रायसेन, थाना रायसेन, जिला रायसेन मध्य प्रदेश, हाल निवासी लाम्बाखोह थाना डाबी को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में पेश किया था।
एसपी के निर्देश पर आरोपी पिता को न्यायालय से कठोर एवं शीघ्र सजा सुनिश्चित करवाने के लिए प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में चुन कर थानाधिकारी थाना डाबी को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया था। न्यायालय में गवाह की समय पर उपस्थिति व अभियोजन साक्ष्य करवाई गई।
मामले में 20 जनवरी को आरोपी पिता को विशेष पोक्सो कोर्ट ने अंतिम सांस तक कारावास व 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया है।