आम आदमी पार्टी ने कहा है कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में 22 शहर भारत के हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि केंद्र सरकार ने देश का प्रदूषण कम करने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं अपनाए हैं। पार्टी ने कहा है कि इस नाकामी के लिए पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को इस्तीफा देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान कहा कि पर्यावरण प्रदूषण पूरी दुनिया में चिंता का कारण बना हुआ है। दुनियाभर की सरकारें इसे कम करने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं। लेकिन भारत ने इस मोर्चे पर कोई ठोस काम नहीं किया है।
इसी का परिणाम है कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में 22 शहर भारत के हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए यह एक शर्म की बात होनी चाहिए और इसके लिए पर्यावरण मंत्री को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार के इस रवैये के उलट दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए जमीनी कदम उठाए जिसका परिणाम दिखाई पड़ा और दिल्ली का प्रदूषण 15 फीसदी तक कम हो गया। आप नेता के मुताबिक यह सफलता दिल्ली में ई-वाहनों को बढ़ावा देने, लोगों को 24 घंटे बिजली देने, लोगों को निजी वाहनों की तुलना में सार्वजनिक वाहनों के उपयोग के लिए बढ़ावा देने और दिल्ली की हरियाली बढ़ाने से मिली है। जबकि इसी दौरान केंद्र सरकार ने राजधानी में स्थित पावर प्लांट्स के जरिए हो रहे प्रदूषण को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने से इंकार कर दिया।
दिल्ली को यह सफलता तब मिली है, जब विशेषज्ञ मानते हैं कि राजधानी के प्रदूषण में इसके आसपास के 300 किलोमीटर दूर तक होने वाले प्रदूषण की भी भूमिका होती है। यानी अगर दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करना है, तो केवल राजधानी के प्रदूषण पर लगाम लगाने से बात नहीं बनेगी। बल्कि इसके लिए दिल्ली के आसपास के 300 किलोमीटर तक के इलाके में प्रदूषण को खत्म करने के ठोस प्रयास करने होंगे। आप नेता ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए।