यह कॉलेज गोथिक और भारतीय वास्तु तत्वों का एक उत्कृष्ट मिश्रण है। इसमें एक 200 फुट ऊंची चतुष्कोणीय मीनार है जो बलुआ पत्थर, संगमरमर और मोज़ेक से बनी हुई है। इसका गुंबद भारत-अरबी संरचना के पत्थरों से बना हुआ है।
1866 में इलाहाबाद में म्योर कॉलेज की स्थापना हुई थी जो आगे चलकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुआ। आज भी यह इलाहाबाद विश्वविद्यालय का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। म्योर कॉलेज का नाम तत्कालीन संयुक्त प्रांत के गवर्नर विलियम म्योर के नाम पर पड़ा। उन्होंने 24 मई 1867 को इलाहाबाद में एक स्वतंत्र महाविद्यालय तथा एक विश्वविद्यालय के निर्माण की इच्छा प्रकट की थी।
9 दिसंबर 1873 को म्योर कॉलेज की आधारशिला टामस जार्ज बैरिंग बैरन नार्थब्रेक ऑफ स्टेटस सीएमएसआई द्वारा रखी गई। इसे पूरा होने में पूरे बारह वर्ष का समय लगा। इसका औपचारिक उद्घाटन 8 अप्रैल 1886 को वायसराय लार्ड डफरिन ने किया।